crime news: दिल्ली मे धरे गए गैंगस्टरों के पासपोर्ट बनाने वालों का गैंग

crime news

crime news: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे नेक्सस का पर्दाफाश किया है जो गैंगस्टरों को विदेश फरार होने में मदद करता था। पुलिस ने नेक्सस में शामिल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। यह लोग गैंगस्टरों के पासपोर्ट फर्जी कागजातों पर बनवाया करते थे। इनके पास से पुलिस को भारी संख्या में पासपोर्ट के अलावा सैकड़ो कागजात भी बरामद हुआ है।

crime news: गैंगस्टरों के फर्जी पासपोर्ट बनाने का ऐसे हुआ खुलासा

क्राइम ब्रांच के ज्वायंट सीपी सुरेन्द्र कुमार जैन के मुताबिक गैंगस्टरों के लगातार विदेश भागने के मामलों को देखते हुए इंटरस्टेट सेल के इंस्पेक्टर मनमीत मलिक की टीम को विशेष जांच सौंपी गई थी। पुलिस टीम को विशेष सूचना मिली कि फर्जी नाम, आधार कार्ड आदि का इस्तेमाल कर कुछ लोग गैंगस्टरों के पासपोर्ट बना रहे हैं। पुलिस ने फर्जी क्लाइंंट बनकर पासपोर्ट बनाने वालों से संपर्क किया। संदिग्ध निशांत सक्सेना और उसके एजेंट सूफिया ने फर्जी ग्राहक के पासपोर्ट तैयार करवा दिए।

डीसीपी आदित्य गौतम की निगरानी और एसीपी रमेश लांबा की देखरेख में इंस्पेक्टर मनमीत मलिक के नेतृत्व में एसआई विकास दलाल, सुशील मलिक, नरेश कुमार, राजीव कुमार, विकास सोलंकी, एएसआई कृष्णपाल, सुरेन्द्र, प्रवीण, हेडकांस्टेबल सचिन कुमार, अमित कुमार, मोहित सिंह, सोनू तोमर, आशीष मलिक और राजेश कुमार की टीम को इस नेक्सस का पर्दाफाश करने का काम सौंपा गया।

पुलिस टीम ने संदिग्ध निशांत सक्सेना के लखनऊ स्थित कार्यालय पर छापा मारा उसके पास से पुलिस के फर्जी नाम पर बनवाया हुआ पासपोर्ट के अलावा पांच और फर्जी पासपोर्ट बरामद किए गए। उसकी निशानदेही पर उसके चार और साथी सूफिया, अतुल कुमार, सुखदीप सिंह और उस्मा जफर को दबोचा गया। इसके अलावा नीरज बवाना गैंग के मोनू और पंजाब के हिस्ट्री शीटर हरपाल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 6 फर्जी पासपोर्ट के अलावा सैकड़ो कागजात, कंप्यूटर आदि जब्त किए गए हैं।

यह भी पढ़ें

Support India Vistar

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | भारत में उच्च शिक्षा की समस्याएं: महंगी फीस कैसे निगल रही मध्यम वर्ग के सपने | ISRO के रॉकेट मिशनों से जुड़े रसायनी केंद्र की सुरक्षा CISF के हाथ, जानिए क्यों अहम है यह परिसर | विदेश में नौकरी का झांसा देकर बनाते थे साइबर गुलाम, म्यांमार ने रखा मृत्युदंड का प्रावधान | गंगा में ऊदबिलाव के लिए कहां बचा ठिकाना? 22 नदियों के सर्वे में सामने आई चिंताजनक तस्वीर | डिजिटल अरेस्ट का पैसा कहां जाता है? म्यूल खातों से विदेश तक समझिए ठगी की रकम खपाने का पूरा खेल | क्या आप जानते हैं भारत का सबसे पुराना एयरपोर्ट कौन सा है ? जानिए सब कुछ | पुराने ट्रक-बस बदलने पर टैक्स, ब्याज और ईंधन में छूट, जानें परिवर्तन योजना के लाभ | 3 घंटे में हटेगी सोशल मीडिया पोस्ट? भारत में 2.98 लाख URL पर कार्रवाई का पूरा सच | कंटेनर तक गया, लौटा नहीं: CCTV कैमरों ने खोला गुल हसन हत्याकांड का राज | CyMAC क्या है: साइबर हमले पर पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां कैसे करेंगी साझा कार्रवाई |
01-09-2026