भाईजी यानि ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट धारक के क्राइम की कहानी

भाई जी। यानि एक ऐसा शख्स जो बात-बात में गुस्सा जाता था। भाईजी जिसे छोटी सी बात पर हथियार से हमला करने में कोई हिचक नहीं होती थी। यह भाईजी ताइक्वांडो के ब्लैक बेल्ट धारक हैं। मगर अपने तुनकमिजाजी और बात बात में झागड़ा करने के इनके स्वभाव ने एक बार जेल क्या पहुंचाया ये क्राइम की दुनिया के बादशाह बन गए। दिल्ली से महाराष्ट्र तक कई राज्यों में इन भाईजी के खिलाफ हत्या, रंगदारी वसूली आदि के दर्जनो मामले दर्ज हैं। अंडरवर्ल्ड से इनके कनेक्शन बताए जाते हैं। ताइक्वांडो में राष्ट्रीय स्तर पर 8 स्वर्ण पदक जीतने और अतंराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भाग लेने के अलावा भाईजी ने साल 2003 में रजत पदक भी जीता है। भाईजी का असली नाम है अजय गुर्जर। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है।

भाईजी की कहानी

अजय गुर्जर उर्फ भाईजी आक्रमक औऱ हिंसक प्रवृति का शख्स है। उसने साल 2004 में मारपीट में एक व्यक्ति को चाकू मार दिया था और उसे जेल भेज दिया गया था। जेल से बाहर आने के बाद वह आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों से जुड़ गया और इलाके के अच्छे लोगों से रंगदारी मांगने लगा। वर्तमान में वह दिल्ली एनसीआर का बेहद खूंखार और निर्दयी अपराधी माना जाता है।

वह पिछले 15 वर्षों के दौरान दिल्ली, हरियाणा, यूपी, राजस्थान और महाराष्ट्र में हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, हमला, दंगा, आपराधिक धमकी, हथियार अधिनियम आदि सहित दो दर्जन से अधिक मामलों में शामिल पाया गया है। वह सिर्फ रंगदारी के 10 से ज्यादा मामलों में शामिल है।

अजय गुर्जर ने हरियाणा और राजस्थान में रंगदारी के लिए गोलीबारी के कई मामले किए और वर्ष 2008 से 2010 के बीच इन मामलों में वांछित बन गया। अंडरवर्ल्ड से संबंध रखने वाले अजय गुर्जर के चचेरे भाई जे.पी. गुर्जर ने उसे मुंबई के एक खूंखार गैंगस्टर हाफिज बलूच के पास भेज दिया।

गौरतलब है कि हाफिज बलूच ने अपने साथियों के साथ मिलकर साल 2008 में जुबैर पटेल उर्फ ​​कात्या डॉन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्या के बाद हाफिज बलूच मुंबई से आया और अजय गुर्जर और उसके चचेरे भाई जेपी गुर्जर के घर में रहा। जबरन वसूली के कई मामले को अंजाम देने के बाद अजय गुर्जर मुंबई चला गया और हाफिज बलूच के घर में रहने लगा। अजय गुर्जर हाफिज बलूच और अंडरवर्ल्ड के अन्य गैंगस्टरों की शानदार जीवनशैली से काफी प्रभावित था।

उसने उनकी जीवन शैली का पालन करना शुरू कर दिया। तब से, अजय गुर्जर के मुंबई में चार कुख्यात अंडरवर्ल्ड गैंगस्टरों हाफिज बलूच, इकबाल इब्राहिम कास्कर, सुभाष ठाकुर और आरिफ जान (छोटा शकील के बहनोई) के साथ मजबूत संबंध हैं। अजय गुर्जर को हाफिज बलूच ने भाई जी का कोड नेम दिया था और उसने उसके साथ काम करना शुरू किया।

अजय गुर्जर का परिचय दाऊद अब्राहिम के भाई इकबाल इब्राहिम कासकर के साथ वर्ष 2010 में हाफिज बलोच द्वारा किया गया था। एक साल बाद, हाफिज बलूच द्वारा अजय गुर्जर को छोटा शकील के बहनोई आरिफ जान से मिलवाया गया। इकबाल इब्राहिम कासकर ने अजय गुर्जर को यूपी और मुंबई के एक और कुख्यात गैंगस्टर सुभाष ठाकुर से मिलवाया। अजय गुर्जर वर्ष 2018 से पहले मुंबई के चार से ऊपर गैंगस्टरों के लगातार संपर्क में रहा, जब उसे हरियाणा पुलिस ने जबरन वसूली के मामलों में गिरफ्तार किया था।
अजय गुर्जर ने खुलासा किया है कि वह कुख्यात गैंगस्टर सुभाष ठाकुर और हाफिज बलूच की बैकएंड टीमों का हिस्सा रहा था, जिन्होंने गैंगवार में मुंबई में अपने प्रतिद्वंद्वियों के सदस्यों की कई हत्याएं की थीं, लेकिन सुभाष ठाकुर ने इन अपराधों में अजय का नाम कभी नहीं बताया। अजय गुर्जर ने सुभाष ठाकुर सहित अपने सहयोगियों के साथ वर्ष 2008 से 2018 के बीच हरियाणा और राजस्थान में व्यवसायियों, डॉक्टरों, एक पार्षद, हरियाणा के दो पूर्व मंत्रियों और उनके रिश्तेदारों सहित प्रमुख व्यक्तियों से मोटी रकम रंगदारी की मांग की थी।

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17-08-2026