सर्वांगासन करने से शरीर रहता है स्वस्थ, जानें विधि

सर्वांगासन योग का नियमित अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, सर्वांगासन उन आसनों में से एक है जिससे पूरे

शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए नियमित योग और व्यायाम करना बहुत आवश्यक होता है। सर्वांगासन योग का नियमित अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, सर्वांगासन उन आसनों में से एक है जिससे पूरे शरीर का अभ्यास हो जाता है। यह आपके शरीर के सभी आंतरिक अंगों को मजबूती देने के साथ कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ दे सकता है। सर्वांगासन को शोल्डर पोज के नाम से भी जाना जाता है।

इस योग मुद्रा का अभ्यास करने से गले में रक्त का प्रवाह बढ़ता है, यही कारण है कि इसे थायरॉइड ग्रंथि को स्वस्थ बनाए रखने के लिए विशेष लाभदायक माना जाता है। इसके अलावा जिन लोगों को यौन विकार होते हैं, उनके लिए भी सर्वांगासन योग को लाभदायक माना जाता है। आइए इस योग से होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।

सर्वांगासन कैसे करें

अब बात आती है कि इस आसन को आसानी से कैसे किया जाए। पहले पहले लोग इस आसन को करने से घबराते हैं लेकिन नीचे दिए गए तरीके का अनुसरण करते हुए आप इसको बहुत सरलता के साथ कर सकते हैं।

पीठ के बल लेट जाएं।

हाथों को जांघों के पास रखें।

अब आप अपनें पैरों को पहले 30 डिग्री पर फिर 60 डिग्री और उसके बाद 90 डिग्री तक ले कर जाएं।

हाथों को दबाकर नितंब ऊपर की ओर उठाते हुए पांवों को सिर की ओर लाएं।सहारे के लिए हथेलियां पीठ पर रखें।

आप अपने शरीर को सीधा इस तरह से करते हैं कि ठोड़ी छाती पर आकर लगें।

ठोड़ी छाती पर इस तरह से लगाते हैं की गर्दन के थाइरोइड वाले हिस्से में दबाब पड़े।अपने हिसाब से इस मुद्रा को धारण करें।

फिर पैरों को पहले 60 डिग्री पर फिर 30 डिग्री और धीरे-धीरे मूल अवस्था में लौटें।

जब आप नीचे लौटते हैं तो अपने हाथों को नितंब के नीचे लाएं ताकि आप अपने शरीर को बेगैर किसी चोट के आरंभिक अवस्था में ला सके।

सर्वांगासन के फायदे

रक्त शुद्धि, मस्तिष्क एवं फेफड़ों की पुष्टि के लिए बहुत उपयोगी है।

इसके करने से रक्त प्रवाह मस्तिष्क की ओर हो जाता है।

यह टांसिल व गले के रोगों की रामबाण दवा है, नेत्र ज्योति को बढाता है, वात रोग तथा रक्त विकार को दूर करता है।

सिर दर्द, रक्त पित्त तथा पांडु रोगों को शांत करता है। इस आसन से रक्त संचार तेज होता है, यह यौवन प्रदान करता है।

डायफ्राम का मस्तिष्क की ओर खिंचाव होने से सभी पाचन यंत्र सक्रिय बनते हैं।

यह त्वचा रोगों को ठीक करता है।

disclaimer-विभिन्न माध्यमों से मिली जानकारी के आधार पर। indiavistar.com सत्यता की पुष्टि नहीं करता।

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12-10-2026