5 साल तक नेपाल में छिपा रहा, पर सच भाग नहीं पाया: अपनी ही मां के कत्ल का आरोपी B.Tech युवक बॉर्डर से गिरफ्तार

2017 में हुई मां की हत्या का आरोपी अनिमेष झा नेपाल में छिपकर जिंदगी जी रहा था। जमानत के बाद फरार हुए आरोपी को क्राइम ब्रांच ने 5 साल बाद बॉर्डर पर ट्रैक कर गिरफ्तार किया।
B.Tech युवक

द्वारका नार्थ में रहने वाला यह परिवार एक समय शांत और सम्मानित माना जाता था। पिता की मौत के बाद घर में मां, बेटा और बेटी ही थे।
बेटा अनिमेष झा — B.Tech पास, लेकिन नशे की गिरफ्त में
मां का डर और शक बढ़ता गया कि कहीं वह उनके फैसलों और भविष्य पर कब्जा न कर ले। दूसरी तरफ अनिमेष को विश्वास था कि मां उसकी जगह बहन को प्राथमिकता दे रही है और पूरी प्रॉपर्टी उसके नाम करने वाली हैं

दोनों तरफ संदेह, गुस्सा और अविश्वास बढ़ रहा था। और फिर, फरवरी 2017 ने सब कुछ बदल दिया।

28 फरवरी 2017 — वह दिन जिसने घर को हमेशा के लिए खत्म कर दिया

हत्या की सूचना खुद बेटी ने दी थी। उसने कहा,

“मां दो–तीन दिनों से कॉल नहीं उठा रही हैं, और मुझे शक है मेरे भाई ने कुछ कर दिया है।”

पता सही निकला।
घर पर पहुंचते ही पुलिस को महिला की लाश मिली। घर के अंदर हर चीज सामान्य थी, लेकिन मां अपने ही बेटे के हाथों मारी जा चुकी थीं

अपराध की स्वीकारोक्ति

गिरफ्तारी के बाद अनिमेष ने खुलासा किया,

“मां मुझे छोड़कर बहन को सब कुछ देना चाहती थीं। उन्हें मेरे अस्तित्व की परवाह नहीं थी।”

यही वह वजह थी जिसने उसे अपराध की ओर धकेला।

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जांच

COVID-19 के दौरान कई आरोपियों को अंतरिम जमानत दी गई। अनिमेष भी उनमें से एक था।
लेकिन वह जेल लौटकर कोर्ट का सामना करने नहीं आया। वह भारत से बाहर नहीं गया, यह सबको पता था।
पर किसी ने सोचा भी नहीं था कि वह नेपाल के बॉर्डर कस्बों में नई पहचान बनाकर शांत जीवन जी रहा होगा।

5 साल लंबा पीछा | जमीन से लेकर तकनीक तक जाल बिछाया गया

क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा ने उसे पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी। एसीपी राजपाल डबास की निगरानी में इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में SI कुलदीप, HC पवन, HC सोनू, Ct. मुकेश और W/Ct. बिंदु की टीम बनी।

तकनीक और सर्विलांस का मिला कॉम्बिनेशन

  • पुराने रिश्तेदारों पर नजर
  • नकली नाम और फोन खरीद पर ट्रैक
  • डिजिटल पेमेंट पैटर्न
  • बॉर्डर मूवमेंट पर लगातार निगरानी

जांच धीरे चल रही थी, लेकिन हर कड़ी B.Tech अनिमेष की तरफ ही जा रही थी

तकनीक और सर्विलांस का मिला कॉम्बिनेशन

  • पुराने रिश्तेदारों पर नजर
  • नकली नाम और फोन खरीद पर ट्रैक
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  • बॉर्डर मूवमेंट पर लगातार निगरानी

जांच धीरे चल रही थी, लेकिन हर कड़ी अनिमेष की तरफ ही जा रही थी

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24-09-2026