दिल्ली में पारदी गैंग के खिलाफ ऑपरेशन — दो कुख्यात अपराधी पकड़े गए

पारदी गिरोह गिरफ्तारी

दिल्ली में पारदी गैंग की गिरफ्तारी हुई है। अपराध शाखा की टीम ने पारदी गैंग के दो वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो चार राज्यों में 60 से ज्यादा मामलों में शामिल रहे हैं। दोनों पर मध्य प्रदेश पुलिस ने ₹10,000-₹10,000 का इनाम घोषित किया था।

गिरफ्तार अपराधियों के नाम हैं अरुण पारदी (37) और तेगा पारदी, दोनों जिला गुना, मध्य प्रदेश के रहने वाले। पारदी गिरोह लंबे समय से हत्या, डकैती, घरों में चोरी और रात के समय हमलों के लिए कुख्यात रहा है।

कैसे हुई पारदी गैंग के बदमाशों की गिरफ्तारी

दक्षिण दिल्ली में हाल के दिनों में रात में घरों में सेंधमारी की घटनाएँ बढ़ीं। जांच में पारदी गिरोह की भूमिका सामने आई।
14 नवंबर 2025 को विशेष इनपुट मिला कि गिरोह के दो सदस्य शाहाबाद रेलवे स्टेशन, द्वारका के पास आने वाले हैं।

इंस्पेक्टर अक्षय गहलोत की टीम ने तुरंत घेरा बनाया और दोनों आरोपियों को मौके पर पकड़ लिया। इस टीम में प्रधान सिपाही दिनेश, प्रधान सिपाही सुशील, प्रधान सिपाही अंकित, प्रधान सिपाही भंवर और प्रधान सिपाही गौरव शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी राजपाल डबास के पर्यवेक्षण और डीसीपी हर्ष इंदौरा के मार्गदर्शन में हुई।

जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी एक घूमंतू पारदी गिरोह से जुड़े हैं, जो अस्थायी डेरे बनाकर राज्य बदलते रहते हैं।
दिन में ये खिलौने और छोटी वस्तुएँ बेचते हैं ताकि शक न हो, और रात में घरों में घुसकर हमला और चोरी करते हैं।

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• अगर कोई जाग जाए, तो गिरोह उस पर अचानक हमला कर भाग निकलता है।
• चोरी के बाद मिनटों में शहर बदल देते हैं।
• दोनों आरोपी कई मामलों में फरार चल रहे थे।

अरुण पारदी हत्या और कई गंभीर मामलों में वांछित था और 2015 के बाद अदालत में पेश नहीं हुआ।
तेगा पारदी 2001 से मामलों में शामिल है और 2024 में पुलिस हिरासत से भाग गया था।

दोनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस को सौंप दिया गया है।

यह गिरफ्तारी अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क पर एक और बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

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23-07-2026