पुलवामा हमला-एनआईए की चार्जशीट में कई अहम खुलासे, बर्फबारी ने बदली हमले की तारीख!

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार।पुलवामा हमले (Pulwama Attack) में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) ने चार्जशीट दायर कर दी है। यह चार्जशीट 13,800 पन्नों की है। इस चार्जशीट में एनआईए (NIA) ने 19 लोगों को आरोपी बनाया है। चार्जशीट में जांच के आधार पर कई अहम खुलासे भी किए गए हैं। चार्जशीट में सबसे बड़ी बात यह भी लिखी गई है कि हमले को पहले 6 फरवरी 2019 को अंजाम देने का प्लान बनाया गया था।

बिलाल

पुलवामा हमले की चार्जशीट में जिन 20 लोगों को आरोपी बनाया गया है, उसमें जैश के सरगना मौलाना मसूद अजहर का नाम है। इसके अलावा रउफ असगर अलवी, अम्मार अलवी, शकीर बशीर, इंशा जहां, पीर तारिक अहमद शाह, वैज उल इस्लाम, मोहम्मद अब्बास राठर, बिलाल अहमद कूचे, मोहम्मद इकबाल राठर, मोहम्मद इस्माइल, समीर अहमद डार, अशाक अहमद निंगू, आदिल अहमद डार, मोहम्मद उमर फारूक, मोहम्मद कामरान अली, सज्जाद अहमद भट और मुदस्सिर अहमद खान के नाम भी चार्जशीट में शामिल हैं।

कामरान

पुलवामा हमले की जांच में पता चला है कि 6 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड उमर फारूक और उसकी टीम से तमाम सदस्य हमले के लिए तैयार थे। इसके लिए इको कार में विस्फोटकों से भरे दो ड्रम रखे गए थे। इसमें एक में 160 किलो और दूसरे में 40 किलो विस्फोटक रखा गया था।

ईशाजान और फारूक

हमले के लिए जो वक्त तय था, उससे कुछ देर पहले कश्मीर में स्नोफॉल शुरू हो गया और इसी के कारण हाइवे भी बंद हो गया। मोहम्मद अकबाल राठर, बिलाल अहमद कूचे नाम के इन दो ओवर ग्राउंड वर्कर्स ने हमले के लिए एक मोबाइल फोन खरीदा था। इसके अलावा आरोपी बनाया गया मोहम्मद इकबाल राठर जैश की ट्रांसपोर्टेशन मॉड्यूल का हिस्सा था। वह एक ट्रक से सांबा गया था, जहां से उमर फारूक और उसके साथियों को इसी ट्रक में कश्मीर लाया गया था। चार्जशीट में नामित अशाक अहमद लिंगू इस ट्रक का मालिक था।

पुलवामा हमले की जांच मे  NIA ने  पाया है कि हमले में इस्तेमाल किए गए 20 किलो आरडीएक्स को पाकिस्तान से लाया गया था। एनआईए की चार्जशीट में कहा गया है कि आरडीएक्स समेत अन्य विस्फोटक आतंकी पीठ पर पाकिस्तान से लाद कर लाए। इसके साथ ही बताया गया एक अन्य आरोपी इकबाल रादर ने इस हमले के पहले उमर फारूक नाम के एक आतंकी को रात के अंधेरे में सीमा पार कराकर घाटी में लाया था।

NIA को इस बात के वीडियो सबूत भी मिले हैं, जिनमें अमावस्या यानी अंधेरी रात में घुसपैठ करने की रणनीति का जिक्र किया गया है। जांच एजेंसी को यह वीडियो उमर फारुक के फोन में मिला है। इस फोन के जरिए एजेंसी को पूरे प्लान के बारे में पता चला है कि जिसके जरिए आतंकी भारतीय सीमा में आए।

सूत्रों के अनुसार, चार्जशीट में कहा गया है कि आतंकियों ने हमले में इस्तेमाल किए गए अमोनियम नाइट्रेट और नाइट्रो ग्लिसरीन सरीखे पदार्थ स्थानीय स्तर पर ही इकट्ठा किए थे। यह भी कहा गया है कि आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में इन विस्फोटकों को ऑनलाइन भी खरीदा था। NIA जांच में यह बात सामने आई है कि लेथपोरा में फर्नीचर की दुकान करने वाले शख्स ने आतंकी डार को अर्धसैनिक बलों के काफिले की पूरी जानकारी दी जिसके बाद इस हमले को अंजाम दिया गया।

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03-10-2026