स्पैम कॉल कैसे बंद करें? यह एक ऐसा सवाल है जिससे हर फोन उपयोगकर्ता जूछ रहा है। अब तक बनाए गए सारे नियम स्पैम कॉल को पूरी तरह बंद नहीं कर पाएं हैं। इसी के मद्देनजर TRAI ने नया नियम लागू किया है। यह नियम क्या है और कैसे स्पैम कॉल को बंद कर सकता है, ये आपको भी जानना जरूरी है।
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अब स्पैम कॉल करने वालों की पहचान सिर्फ आपकी शिकायत से नहीं होगी। टेलीकॉम कंपनियों को अपने AI सिस्टम से भी संदिग्ध नंबर पकड़ने होंगे और नियम तोड़ने वालों के फोन कनेक्शन तक बंद किए जा सकते हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी TRAI ने Telecom Commercial Communications Customer Preference Regulations में तीसरा संशोधन जारी किया है। इसका मकसद अनचाही कमर्शियल कॉल और मैसेज पर कार्रवाई तेज करना है।
स्पैम कॉल से आपको कैसे मिल सकती है राहत?
अक्सर होता यह है कि किसी नंबर से स्पैम कॉल आने पर आप उसे अपने फोन में ब्लॉक कर देते हैं। इससे वह नंबर आपके फोन पर तो बंद हो जाता है, लेकिन वही व्यक्ति दूसरे लोगों को कॉल करता रहता है। TRAI की व्यवस्था इस समस्या को कॉल के स्रोत पर रोकने की कोशिश करती है। इसको समझने के बाद आप जान सकते हैं कि स्पैम कॉल को कैसे बंद करें।
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टेलीकॉम कंपनियों को AI और मशीन लर्निंग सिस्टम के जरिए ऐसे नंबरों की पहचान करनी होगी जिनसे संदिग्ध तरीके से कमर्शियल कॉल की जा रही हैं। अगर नंबर शिकायतों और टेलीकॉम कंपनी के सिस्टम दोनों में संदिग्ध पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो सकती है।
सिर्फ नंबर ब्लॉक करना अब पर्याप्त नहीं, शिकायत करना ज्यादा जरूरी
अगर आपके पास स्पैम कॉल आती है तो उसे केवल फोन में ब्लॉक करने के बजाय उसकी शिकायत करना ज्यादा असरदार हो सकता है। TRAI पहले भी ग्राहकों से यही कह चुका है कि स्पैम नंबर को सिर्फ अपने फोन पर ब्लॉक करने से समस्या की जड़ खत्म नहीं होती। आधिकारिक शिकायत मिलने से टेलीकॉम कंपनियां नंबर की जांच और उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं।
TRAI के अनुसार 2025 तक उपभोक्ताओं की शिकायतों के आधार पर लाखों संदिग्ध टेलीकॉम नंबरों और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
10 दिन में 3 शिकायतें भी बन सकती हैं कार्रवाई का कारण
नए नियम में आम मोबाइल यूजर के लिए सबसे महत्वपूर्ण बदलाव शिकायतों से जुड़ा है। अगर किसी नंबर के खिलाफ 10 दिनों के भीतर तीन या उससे अधिक अलग उपभोक्ताओं की शिकायतें मिलती हैं और वही नंबर टेलीकॉम कंपनी के AI या मशीन लर्निंग सिस्टम में भी संदिग्ध स्पैम नंबर के रूप में सामने आता है तो कार्रवाई शुरू हो सकती है।
यानी अगर किसी नंबर से लगातार लोगों को परेशान किया जा रहा है तो अब बहुत बड़ी संख्या में शिकायतें जमा होने का इंतजार जरूरी नहीं रहेगा।
पहली बार पकड़े गए तो 15 दिन तक आउटगोइंग सेवा बंद
नियम तोड़ने वाले के लिए कार्रवाई केवल चेतावनी तक सीमित नहीं रहेगी। पहली बार उल्लंघन सामने आने पर संबंधित टेलीकॉम संसाधनों की आउटगोइंग सेवाएं 15 दिनों तक रोकी जा सकती हैं। बार-बार उल्लंघन होने पर कार्रवाई और सख्त हो सकती है। संबंधित SIM, PRI या SIP जैसे टेलीकॉम संसाधन एक साल के लिए डिस्कनेक्ट किए जा सकते हैं और संबंधित Sender को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
इसका सीधा मतलब है कि स्पैम करने वाला बार-बार नया नंबर लेकर आसानी से कॉल करता रहे, इसे रोकने के लिए उसके दूसरे टेलीकॉम संसाधनों तक कार्रवाई पहुंच सकती है।
AI भी खोजेगा कौन कर रहा है स्पैम कॉल
अब पूरी जिम्मेदारी मोबाइल ग्राहक पर नहीं होगी कि वह हर कॉल की शिकायत करे। टेलीकॉम कंपनियां अपने नेटवर्क पर कॉलिंग पैटर्न का विश्लेषण करके संदिग्ध कमर्शियल कॉल की पहचान करेंगी। AI आधारित व्यवस्था से ऐसे नंबर पकड़े जा सकते हैं जो बड़ी संख्या में लोगों को संदिग्ध तरीके से कॉल कर रहे हों।
TRAI ने इसी तकनीक आधारित पहचान को शिकायत व्यवस्था के साथ जोड़कर कार्रवाई को तेज करने की व्यवस्था की है।
आपको 1600 और 1601 नंबर भी समझ लेने चाहिए
TRAI स्पैम कॉल रोकने के साथ वैध सेवा कॉल को अलग पहचान देने पर भी काम कर रहा है। 1600 सीरीज़ का इस्तेमाल तय वित्तीय संस्थाओं और सरकारी संस्थाओं की सेवा तथा लेन-देन से जुड़ी कॉल के लिए किया जाता है। इसका मकसद यह है कि ग्राहक असली सेवा कॉल को पहचान सके। TRAI ने 1600 सीरीज़ को लेकर जुलाई 2026 में भी स्पष्टीकरण जारी किया था।
1601 सीरीज़ का इस्तेमाल भी सेवा और ट्रांजैक्शन कॉल के लिए चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसमें यूटिलिटी, कूरियर और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर शामिल किए गए हैं। TRAI की वेबसाइट पर इसका चरणबद्ध कार्यान्वयन दर्ज है।
इसलिए आने वाले समय में नंबर की सीरीज़ देखकर भी यह समझना आसान हो सकता है कि कॉल किसी पंजीकृत सेवा से जुड़ी है या सामान्य मोबाइल नंबर से आ रही कमर्शियल कॉल है।
स्पैम कॉल आए तो आपको क्या करना चाहिए?
सबसे जरूरी बात यह है कि कॉल काटकर नंबर ब्लॉक करने तक सीमित न रहें।
अगर कॉल अनचाही कमर्शियल कॉल है तो आप 1909, अपने टेलीकॉम ऑपरेटर की शिकायत सुविधा या TRAI DND App के जरिए शिकायत कर सकते हैं। TRAI ने फरवरी 2026 में DND App का नया संस्करण भी जारी किया था ताकि स्पैम कॉल और मैसेज की शिकायत करना आसान हो सके।
जितने ज्यादा उपभोक्ता स्पैम नंबरों की सही तरीके से शिकायत करेंगे, उतना ही टेलीकॉम सिस्टम के लिए बार-बार स्पैम करने वाले नंबरों की पहचान करना आसान होगा।
यानी आपके लिए क्या बदला?
TRAI के नए नियम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब स्पैम कॉल के खिलाफ कार्रवाई केवल इस बात पर निर्भर नहीं रहेगी कि आपने किसी नंबर को अपने मोबाइल में ब्लॉक किया या नहीं।
आपकी शिकायत, दूसरे उपभोक्ताओं की शिकायत और टेलीकॉम कंपनी का AI सिस्टम मिलकर किसी संदिग्ध नंबर के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता खोल सकते हैं।
और अगर कोई व्यक्ति या संस्था बार-बार नियम तोड़ती है तो मामला एक नंबर बंद होने तक सीमित नहीं रहेगा। उसके टेलीकॉम संसाधनों पर लंबी रोक और ब्लैकलिस्टिंग तक हो सकती है।
इसलिए अगली बार कोई अनचाही लोन, क्रेडिट कार्ड, निवेश या दूसरी कमर्शियल कॉल आए तो सिर्फ Block दबाने के बजाय उसे Report करना ज्यादा उपयोगी हो सकता है।












