भारतीय एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई में कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को तुर्की से भारत वापस लाकर अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क पर सख्त संदेश दिया है। सलीम डोला को अंडरवर्ल्ड डॉन Dawood Ibrahim के नेटवर्क से जुड़ा माना जाता रहा है।
NCB का ऑपरेशन और भारत वापसी की पूरी प्रक्रिया
Narcotics Control Bureau ने ‘ऑपरेशन ग्लोबल-हंट’ के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया। कई देशों की एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर सलीम डोला को तुर्की से भारत लाया गया।
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नई दिल्ली के Indira Gandhi International Airport पर पहुंचते ही उसे हिरासत में ले लिया गया। यह ऑपरेशन दिखाता है कि भारतीय एजेंसियां अब विदेशों में छिपे अपराधियों तक भी पहुंच बना रही हैं।
इंटरपोल रेड नोटिस से तेज हुई कार्रवाई
सलीम डोला के खिलाफ मार्च 2024 में INTERPOL ने रेड नोटिस जारी किया था। इसके बाद उसकी तलाश और तेज कर दी गई। वह लंबे समय से भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचता रहा और विदेशों में अपना नेटवर्क चला रहा था।
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अमित शाह का बयान, क्या कहा गृह मंत्री ने
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने इस कार्रवाई को मोदी सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ सरकार पूरी ताकत के साथ कार्रवाई कर रही है और अब अपराधियों के लिए कहीं भी छिपना आसान नहीं है।
उनका यह बयान संकेत देता है कि आने वाले समय में ऐसे और ऑपरेशन देखने को मिल सकते हैं।
दो दशकों का आपराधिक इतिहास और नेटवर्क
मुंबई निवासी सलीम डोला का नाम लंबे समय से ड्रग तस्करी के मामलों में सामने आता रहा है। महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन और मेथामफेटामाइन जैसी नशीली पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में उसकी भूमिका बताई जाती है।
जांच में यह भी सामने आया कि वह भारत में छोटे स्तर के नेटवर्क को सप्लाई देने का काम करता था, जिससे ड्रग का प्रसार तेजी से बढ़ा।
इससे पहले उसके बेटे ताहिल सलीम डोला को 2025 में UAE से वापस लाकर गिरफ्तार किया गया था। इस कार्रवाई के बाद एजेंसियों को पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली।


