Delhielection2025: मुफ्त की रेवड़ी की तकरार में कहां है मेरा वाला मुद्दा

Delhielection2025: दिल्ली विधानसभा चुनावों में कई मुफ्त योजनाओं की घोषणा हरेक पार्टी ने की है। बीजेपी, कांग्रेस या आम आदमी पार्टी सबने आम वोटरों को रीझाने के लिए बढ़चढ़कर मुफ्त की योजनाओं को देने की बात कही है। लेकिन मुफ्त की रेवड़ी की तकरार नें कहीं आम जनता के मुद्दे गौण से हो गए हैं।
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Delhielection2025: दिल्ली विधानसभा चुनावों में कई मुफ्त योजनाओं की घोषणा हरेक पार्टी ने की है। बीजेपी, कांग्रेस या आम आदमी पार्टी सबने आम वोटरों को रीझाने के लिए बढ़चढ़कर मुफ्त की योजनाओं को देने की बात कही है। लेकिन मुफ्त की रेवड़ी की तकरार नें कहीं आम जनता के मुद्दे गौण से हो गए हैं। दिल्ली की ट्रैफिक, दिल्ली का स्वास्थय और दिल्ली में संगठित अवैध शराब का कारोबार किसी पार्टी के लिए कोई मुद्दा नहीं है और ना ही किसी ने इस पर कोई रोडमैप बताया है।

Delhielection2025:एक दो नहीं कई हैं मेरा वाला मुद्दा

क्या आपको ऐसा नहीं लगता की मुफ्त की योजनाओं की घोषणाओं के शोर में कहीं आम आदमी को रोजमर्रा की जीवन शैली से किसी को कोई मतलब नहीं है। लोगों के घरों तक सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था किसी पार्टी के लिए कोई मुद्दा नहीं है। आज दिल्ली की शायद ही कोई ऐसी कालोनी होगी जहां से बाहर निकलकर मेट्रो या बस को पकड़ने के लिए बीसीयों रुपये ऑटो या ईरिक्शा में खर्च करने ना पड़ते हों।

इन पर खर्च करने के बाद आप भारी ट्रैफिक या गड्ढों की जरकन में कमर और पीठ में असहनीय दर्द ना कराते हों। यही नहीं अगर आपके पास वाहन है तो दिल्ली के किसी डीडीए या गैर डीडीए कालोनी का कोई प्रवेश मार्ग ऐसा नहीं जहां आप बड़े आसानी से प्रवेश कर सकें या निकल सकें। हरेक प्रवेश मार्ग पर व्यवसायिक वैध-अवैध कब्जों का या फिर ई रिक्शा आटो की भीड़ से सामना आपकी किस्मत बन चुकी है। यह मुद्दा भी किसी पार्टी के लिए अहमियत नहीं रखता।

दिल्ली के किसी अस्पताल में जाएं औऱ वहां आपको सारी सुविधा या सेवा भाव मिले ऐसा शाय़द ही होता हो। कई अस्पताल में तो इमरजेंसी की सुविधा तक नहीं है। जहां ये सुविधा है भी तो वहां अधसीखे डाक्टर, दवाईयों या उपकरणों का अभाव मरीजों या परिजनों को ठीक होने की उम्मीद की बजाय निराशा का दामन थमा देते हैं।

दिल्ली के किसी कॉलोनी के नजदीकी स्कूल, कालेज या फिर पार्किंग जैसे मुद्दों पर अभी तक किसी पार्टी ने कोई रोड मैप नहीं दिया है। हरेक को मुफ्त की रेवड़ी की साइज बड़ा करने की जल्दी है ताकि बस वोटर उनके जाल में फंसे औऱ बिना सोचे समझे वोट दे दे। अगर आपको भी ऐसा लगता है तो तुरंत अपनी राय लिखकर हमें 931160291 पर व्हाट्सएप्प करें अपनी तस्वीर के साथ आप हमें indiavistar2018@gmail.com पर मेल भी कर सकते हैं।

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Alok Verma
a senior journalist with a 25 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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