पश्चिम बंगाल के चुनाव में क्यों है इस शहर का महत्व

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नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में गुरूवार का दिन राजनीतिक रूप से अहम दिन था। वजह थी कि विधानसभा चुनावों में पहली बार गुरूवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह औऱ पश्चिम बंगाल की वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने  अलग-अलग जगहों पर लगभग एक साथ चुनावी रैलियों को संबोधित किया। समय भी लगभग एक ही था। जिला भी एक ही।

अमित शाह ने काकद्वीप क्षेत्र का दौरा तो किया ही भाजपा की पांच चरणों की रथयात्रा के अंतिम चरण को उन्होंने हरी झंडी भी दिखाई। शाह कल रात ही कोलकाता पहुंच गए थे।

दोस्तों हम आपको बताने जा रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस दोनो ने 24 परगना के काकद्वीप इलाके में अपनी पूरी ताकत क्यों झोंक दी है। क्यों झोंक दी है इस पर चर्चा करेंगे लेकिन पहले देखिए यह वीडियो-

पश्चिम बंगाल के काकद्वीप में यह है मतस्य उद्योग से जुड़े हुए कुछ लोग औऱ इन्हीं लोगों को लुभाने में लगी हुई हैं राजनीतिक पार्टियां चाहे वह भारतीय जनता पार्टी हो या फिर तृणमूल कांग्रेस। ऐसा क्यों है इसे जानने से पहले काकद्वीप के बारे में जान लीजिए।

काकद्वीप पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में स्थित एक शहर है। जो हुगली नदी के पूर्वी किनारे पर स्थित है। नेशनल हाइवे पर स्थित इस शहर का मुख्य व्यवसाय मतस्यपालन है। बदलते समय के साथ यहां के मछुआरे समाज ने अपने आपको भी बदला है। अब यहां के मछुआरे नायलान धागे का इस्तेमाल करते हैं। नायलान धागे से ही जाल बनाया जाता है जिसका इस्तेमाल मछलियां पकड़ने में किया जाता है। पश्चिम बंगाल में काकद्वीप औऱ 24 परगना ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी का गढ़ माना जाता है।

लोकसभा चुनावो में कुल 42 लोकसभा सीटों पर ममता बनर्जी 22 सीटों पर औऱ बीजेपी ने 18 सीटों पर जीत हासिल की थी। अगर दोनो ही पार्टियों को मिले वोट शेयर को देखें तो टीएमसी को 43.3 प्रतिशत तो बीजेपी को 40.3 प्रतिशत वोट मिले थे। साफ है की बीजेपी हर हाल में पश्चिम बंगाल के चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक रही है।

अब बात काकद्वीप की तो काकद्वीप से कोलकाता तक विधानसभा की 51 सीटें आती हैं। वैसे तो यह इलाका टीएमसी का गढ़ माना जाता है लेकिन बीजेपी टीएमसी के गढ़ में ही सेंध लगाना चाहती है क्योंकि उसे पता है कि उसके अपने वोट तो पक्के हैं सेंध लगाने के बाद जो वोट आएंगे वही पश्चिम बंगाल में उसके राजनीतिक भविष्य भी तय करेंगे।

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