कोविड-19 परीक्षण प्रयोगशाला’ का सीएसआईआर-एनईआईएसटी, जोरहाट में उद्घाटन

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इंडिया विस्तार डेस्क। एक कोविड-19 परीक्षण प्रयोगशाला पूर्वोत्तर विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (एनईआईएसटी) के जोरहाट परिसर में स्थापित की गई है। डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा, मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, वित्त, शिक्षा (उच्च, माध्यमिक व प्राथमिक), परिवर्तन एवं विकास, पीडब्ल्यूडी, असम सरकार ने इस प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। सीएसआईआर-एनईआईएसटी के निदेशक डॉ. जी. नरहरि शास्त्री ने इस महत्वपूर्ण आयोजन को सीएसआईआर-एनईआईएसटी के इतिहास में एक उल्‍लेखनीय मील का पत्थर बताया।

डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने इस तथ्य की सराहना की कि एनईआईएसटी असम का पहला ऐसा अनुसंधान और विकास संस्थान है जहां एक परीक्षण प्रयोगशाला स्‍थापित की गई है। डॉ. सरमा ने इसे संभव कर दिखाने के लिए संस्थान के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को बधाई दी।   

डॉ. शास्त्री ने बताया कि संस्थान के 10 वैज्ञानिकों की एक टीम वायरस से आरएनए को अलग करने के अहम कार्य में सक्रियतापूर्वक जुटी हुई है। इसके अलावा, संस्‍थान के स्टाफ के 40 अन्य सदस्य एक सहायक प्रणाली के रूप में कार्यरत हैं। संस्थान का जैव-प्रौद्योगिकी प्रभाग ‘आरटी-पीसीआर आधारित कोविड-19 परीक्षण’ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा, असम सरकार और जोरहाट का जिला प्रशासन इस संस्थान द्वारा किए जा रहे उल्‍लेखनीय प्रयासों में सक्रियतापूर्वक सहयोग दे रहे हैं और इसे सुविधाजनक बना रहे हैं।

असम सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के एक सूक्ष्मजीव विज्ञानी की सेवाएं इस संस्थान की कोविड-19 परीक्षण प्रयोगशाला के लिए ली जा रही हैं, ताकि परीक्षण को प्रमाणित किया जा सके। परीक्षण के लिए नमूने राज्य सरकार और जोरहाट के जिला प्रशासन के आपसी समन्वय से प्राप्त होने की उम्मीद है। यह संस्थान परीक्षण के उद्देश्‍य से एक परियोजना वैज्ञानिक और एक अनुसंधान विद्वान की भी सेवाएं अनुबंध के आधार पर ले रहा है।

डॉ. सरमा ने संस्थान के विभिन्‍न वैज्ञानिक कार्यक्रमों, अनुसंधान, प्रौद्योगिकियों और उत्पादों के बारे में भी जानकारियां प्राप्‍त कीं। वह उन प्रौद्योगिकियों के बारे में जानकर अत्‍यंत प्रसन्‍न हुए जिन्‍हें एनईआईएसटी द्वारा पेंटेंट और वाणिज्यीकरण किया गया था। ऐसी कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं जिनका वाणिज्यीकरण किया गया है। इनमें गठिया-रोधी हर्बल मरहम, फफूंद-रोधी मरहम, सुगंधित पौधों की नई किस्में शामिल हैं।

डॉ. शास्त्री ने कहा, ‘यहां कोविड-19 परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना करना समय की मांग है, क्‍योंकि यही सामुदायिक स्तर पर फैलने से पहले वायरस का परीक्षण करने, पता लगाने एवं इसे अलग करने का सबसे प्रभावकारी और विश्व स्तर पर कामयाब तरीका है। असम स्टेज-3 पर पहुंचने की दहलीज पर है जो सामुदायिक स्तर पर इसके फैलाव का चरण है।

उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति को नियंत्रण में रखने का एकमात्र तरीका व्यापक परीक्षण निरंतर जारी रखना है, और आशा की किरण लाखों लोगों की इस महामारी से लड़ने की इच्छा-शक्ति है। इसके साथ ही चुनौती यह है कि ऐसा करने की क्षमता केवल कुछ ही लोगों के हाथों में है। अत: वैज्ञानिक समुदाय का सर्वोपरि कार्य वायरस के फैलाव को काबू में रखने के लिए अधिक से अधिक परीक्षण करना और सटीक इलाज के लिए प्रभावकारी दवाओं एवं टीकों को विकसित करना है।


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21-10-2026