यूपी में दिमागी बुखार पर काबू पाने का दावा

इंडिया विस्तार
लखनऊ।

भारतीय जनता पार्टी नें पूर्वाचंल का अभिशाप कही जाने वाली बीमारी दिमागी बुखार पर काबू पाने का दावा किया है। बीजेपी का दावा है कि इसके खिलाफ जो जंग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने छेड़ी है उसके नतीजे बेहद सकारात्मक हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दिमागी बुखार से पीड़ित होने वाले मरीजों की संख्या आधे से भी कम हो गई है।
पार्टी प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश प्रवक्ता डा. चन्द्रमोहन ने कहा कि पिछले वर्ष गोरखपुर के बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज में 27 अगस्त तक कुल 1120 मरीज भर्ती हुए थे वहीं इस वर्ष इसी तारीख तक लगभग 575 मरीज भर्ती हुए हैं। ये आंकड़े दिखाते हैं कि प्रदेश की भाजपा सरकार पूरे संकल्प के साथ इस जानलेवा बीमारी से लड़ाई लड़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी दिमागी बुखार से किसी भी मरीज की मृत्यु न होने देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार किया गया है।
डा. चन्द्र मोहन ने बताया कि पूर्वांचल के प्रमुख मेडिकल कालेज बी.आर.डी. मेडिकल कालेज में न केवल डाक्टर और संसाधन बढ़ाए गए हैं बल्कि इंसेफ्लाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर के रूप में तब्दील किए गए गोरखपुर मंडल के 67 अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त की गई हैं। प्रदेश सरकार ने अब दिमागी बुखार के मरीजों को घर के नजदीकी अस्पताल में ही प्राथमिक इलाज की सुविधा मुहैया कराई है। समय पर उचित इलाज मिलने का परिणाम ही दिमागी बुखार के रोगियों की संख्या में कमी के रूप में सामने आया है। इसके अलावा सरकार दिमागी बुखार से पीड़ित क्षेत्र में साफ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भी हर संभव प्रयास कर रही है। इसके लिए भाजपा सरकार ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आरओ प्लांट लगाने की व्यवस्था की है ताकि बच्चे शुद्ध पेयजल पी सकें।
भाजपा प्रवक्ता डा. चन्द्रमोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री दिमागी बुखार को जड़ से उखाड़ फेंकने में कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहते। इसके लिए वह स्वयं दिमागी बुखार पीड़ित क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनीटरिंग कर रहे हैँ और प्रशासनिक अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय कर उनसे नियमित प्रगति रिपोर्ट मांग कर समीक्षा भी कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष में जिस तरह के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं उससे वह दिन ज्यादा दूर नहीं जब दिमागी बुखार का यूपी से समूल नाश हो जाएगा।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | CKYC नंबर है या नहीं? अभी जानें, एक नंबर से आसान होगी बैंकिंग और बढ़ेगी साइबर सुरक्षा | श्राद्ध में कौवे को पहला ग्रास क्यों दिया जाता है? जानिए काक बलि का रहस्य | ऑपरेशन Cy-Vajra में बड़ा खुलासा, 8 फर्जी कॉल सेंटर सील, 49 गिरफ्तार, ऐसे काम करता है साइबर ठगी का नेटवर्क | RBI आंतरिक लोकपाल (Internal Ombudsman) क्या है? साइबर फ्रॉड पीड़ितों के लिए शिकायत निवारण का मजबूत सुरक्षा तंत्र | दिल्ली ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, जानिए कैसे मिलकर काम करती हैं Delhi Traffic Police और दूसरी एजेंसियां | बिना डेटा वाला मोबाइल रिचार्ज प्लान क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद? | क्या आपका स्मार्टफोन आपकी जासूसी कर रहा है? जेब में रखा फोन कैसे बन सकता है निगरानी का सबसे बड़ा हथियार | भारत में डिजिटल इंडिया अभियान का अगला बड़ा पड़ाव गांवों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतनेट, 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने के लिए कई प्रयास हुए हैं। अब इन्हीं प्रयासों को नई गति देने का दावा एक ऐसे मॉडल के जरिए किया गया है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान और सरकारी अनुसंधान संगठन एक साथ काम कर रहे हैं। | वन्दे माँ नर्मदे: माँ नर्मदा की महिमा, इतिहास और भारतीय संस्कृति को समर्पित महत्वपूर्ण कृति | रांची में हैं मनोकामना पूरी करने वाले वृक्ष |
18-07-2026