फोन की फोटो गैलरी, सीए का छात्र और तीन शहर का राज

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18 मई 2019 की बात है। पूर्वी दिल्ली का शकरपुर थाने के पुलिसकर्मी रोजमर्रा के काम निपटा रहे थे। आने वाली इक्का दुक्का वारदात की सूचनाओं को भी रोज की तरह निपटाया जा रहा था। इसी गहमा गहमी के बीच एक महिला अपने पति के साथ शकरपुर पुलिस थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर संजीव शर्मा के पास पहुंची।

(1)छात्र लापता

कविता नाम की इस महिला ने इंस्पेक्टर संजीव शर्मा को बताया कि उसका भाई चंदन शकरपुर में रहता है और तीन दिन से लापता है। दिल्ली के जैतपुर में रहने वाली कविता और चंदन में आखिरी बार 17 मई को बात हुई थी तब चंदन ने कविता से कुछ पैसों की मांग की थी और यह भी कहा था कि दिन में वह जैतपुर आएगा। कविता ने सीए की पढ़ाई कर रहे भाई चंदन के खाते में 62 हजार रूपये डलवा दिए औऱ उस दिन चंदन के आने का इंतजार भी किया। लेकिन आना तो दूर चंदन का मोबाइल बंद हो गया। इसके बाद अनहोनी की आशंका के मद्देनजर कविता अपने पति के साथ शकरपुर में चंदन के कमरे पर पहुंची लेकिन वहां पता चला कि चंदन 15 मई से ही लापता है। सीए की पढ़ाई कर रहा चंदन बिहार के मधुबनी का रहने वाला था। उसकी दो शादी शुदा बहने किरण और कविता थीं।

(2) पुलिस जांच

शकरपुर एसएचओ संजीव शर्मा ने मामले की गंभीरता को तुरंत ताड़ लिया और आनन फानन में वरिष्ठ अधिकारियों को इस पूरे मामले की सूचना दी। ज्वांयट सीपी आलोक कुमार ने भी मामले को गंभीरता से लिया। आलोक कुमार के निर्देश और डीसीपी जसमीत सिंह की पहल पर  मामला दर्ज कर एसीपी विरेन्द्र शर्मा औऱ एसएचओ संजीव शर्मा की टीम ने जांच शुरू कर दी। सबसे पहले चंदन के मोबाइल फोन का लोकेशन जानने की कोशिश की गई। मगर इससे ज्यादा कुछ मदद मिली नहीं। पुलिस ने अब चंदन के बैंक खातों को खंगाला तो पता लगा कि चंदन के खाते से 15-17 मई के बीच 1 लाख 62 हजार रूपया निकाला गया है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार

इस बाबत कविता ने संभावना व्यक्त की कि चंदन क्योंकि स्वीफ्ट कार टैक्सी में चलवाया करता था इसलिए हो सकता है कि कार के किसी काम के लिए पैसे निकलवाए गए हों।

(3) कैब चालक

जब पुलिस टीम को पता लगा कि चंदन अपनी स्वीफ्ट कार चालकों के जरिए टैक्सी के रूप में चलवाया करता है तो पुलिस ने दर्जनों टैक्सी चालकों से पूछताछ शुरू की। लेकिन इस पूछताछ ने पुलिस को औऱ उलझा दिया। कैब चालकों से पूछताछ कर पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि उस दौरान चंदन की कार किसी कैब चालक के पास नहीं थी। इसका मतलब था कि चंदन की कार भी उसके साथ ही लापता थी।

(4) सुराग

पुलिस को कुछ समझ नहीं आ रहा था। आखिरकार पुलिस ने उन एटीएम की जांच शुरू की जहां से पैसे निकाले गए थे। एटीएम में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर पता लगा कि पैसे चंदन की जगह दो दूसरे लड़कों ने निकाले थे मगर कार्ड चंदन का ही इस्तेमाल किया गया था। अब सुराग के नाम पर पुलिस को एटीएम के सीसीटीवी फुटेज थे। लेकिन सीसीटीवी में पैसे निकालने वालों के चेहरे इतने धुंधले थे कि उनकी पहचान नामुमकिन साबित हो रही थी। केस सुलझने की बजाय उलझ रहा था।

एसएचओ संजीव शर्मा

करीब 28 दिन बीत चुके थे। ना तो चंदन का पचा चल पा रहा था ना ही उसकी कार का। पुलिस पर दबाव बढ़ता जा रहा था। आखिरकार पुलिस ने एक बार फिर से चंदन के कार चालकों से पूछताछ करने का फैसला लिया। नए पुराने कैब चालकों से पूछताछ के दौरान एक अंकित नाम के कार चालक से भी पूछताछ की जा रही थी। वह भी अन्य कार चालकों की तरह वारदात से अपने अंजान होने की बात कह रहा था। पुविस अंकित से पूछताछ के साथ ही उसके मोबाइल फोन की भी जांच कर रही थी। अंकित ने उसमें कई सेल्फी फोटो खींच रखे थे। इन्हीं में से एक फोटो पर पुलिस की नजर टिक गई। इस फोटो में अंकित ने जो शर्ट पहन रखी थी लगभग उसी तरह की शर्ट उस लड़के ने भी पहन रखी थी जिसका एटीएम से पैसा निकालते हुए सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास था। पुलिस ने अंकित से सख्ती से पूछताछ की तो आखिरकार अंकित टूट गया।

(6) तीन शहर एक कत्ल

पुलिस की सख्ती के आगे टूट चुके अंकित ने बताया कि वह चंदन की कार चलाता था। 15 मई को वह चंदन के पास अपना वेतन लेने गया था। चंदन ने उसे 5 और 4 हजार के दो चेक दिए। उस दिन अंकित के साथ उसका दोस्त श्याम उर्फ इंद्रजीत भी था। चेक देने के बाद चंदन ने उन्हें कार से गाजीपुर तक छोड़ने की बात भी कही। शकरपुर से चलते ही दोनों ने चंदन को पार्टी और लड़कीबाजी का लालच दिया और उसे बहलाकर गाजियाबाद के कौशांबी में बुआपुर ले गए। दिल्ली से गाजियाबाद तक चंदन को अपने ही कैब चालकों की साजिश का गुमान तक ना हुआ। बुआपुर में श्याम के घर पहुंचते ही दोनों ने चंदन को बंधक बना लिया। इसके बाद उससे पैसे की मांग की जाने लगी। पहले तो चंदन ने अपने डेबिट कार्ड और पिन नंबर दे दिया। मगर उसके खाते में पैसे खत्म हो गए तो श्याम और अंकित उससे और पैसे मांगने लगे। उन्हीं की मांग पूरी करने के लिए चंदन न अपनी बहन से भी पैसे लिए। मगर अंकित और श्याम ने उसे छोड़ा नहीं।

(7) तीन शहर एक कत्ल

चंदन को दिल्ली से अगवा कर गाजियाबाद में रखा गया था। दरअसल चंदन से मोटी रकम वसूल चुके अंकित और श्याम 18 मई की सुबह चंदन को उसी की कार में बिठाकर उसकी बहन के घर जैतपुर छोड़ने के लिए निकले। रास्ते में चंदन ने उन्हें धमकी दी कि वह उनकी करतूत पुलिस को बता देगा। चंदन की इस बात से अंकित और श्याम डर गए। इसके बाद पतली रस्सी से चंदन का गला घोंट दिया गया। चंदन को मारने के बाद दोनों उसकी लाश लेकर नोएडा पहुंचे इंफोटेक-3 के इलाके में सूनसान पड़ी एक बिल्डिंग में बोरी में लाश रखकर फेंक दी गई और कार को भी नंबर प्लेट उतारकर गंगनहर के पास छोड़कर दोनों फरार हो गए।

(8) गिरफ्तारी

पुलिस ने अंकित को उससे हुई पूछताछ के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। इंद्रजीत उर्फ श्याम कुछ दिन तक फरार रहा मगर पुलिस के दबाव में उसे सरेंडर करना पड़ा। पुलिस ने कार बरामद कर लिया और नोएडा के इंफोटेक-3 की पुलिस ने लाश मिलने की पुष्टि भी कर दी। लाश की शिनाख्त करा ली गई।

(9) वर्तमान स्थिति

पुलिस चार्जशीट जाखिल करने की तैय़ारी में है।      

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