प्रतिबंधित दवाओं की हाईटेक तस्करी का जाल गुरूग्राम से यूरोप तक देखें वीडियो

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की दिल्ली यूनिट ने गुडंगांव की दो कंपनियों पर छापा मारकर प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। तस्करी के लिए एक फ्रामस्य़ूटिकल कंपनी भी खोली गई थी। सारा कारोबार इंटरनेट पर होता था और इसके लिए करीब पांच दर्ज वेबसाइट भी चलाई जा रही थी।

नेटवर्क का जाल

इस सिलसिले में एलसीबी ने अमित नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। अमेरिका और इंग्लैंड में दवाईयों की सप्लाई ज्यादा होती थी । इसके अलावा हंगरी और यूरोप के कई दूसरे देशों में इन प्रतिबंधित दवाइयों को भेजा जाता था। इसके लिए बकायदा आरोपी ने गुड़गांव में एक फार्मास्युटिकल कंपनी भी खोला हुआ था । इसके साथ-साथ वहां पर उसने एक कॉल सेंटर भी बना रखी थी जिसके जरिए वह विदेशों से में अपने कस्टमर को संपर्क करता था ,उनसे आर्डर लेता था और तमाम प्रतिबंधित दवाइयां पार्सल के जरिए उनको भेजता था। इस पूरे धंधे के संचालन के लिए अमित ने बाकायदा 50 से ज़्यादा स्टाफ रखा हुआ था। इसके अलावा इसलिए कई फर्जी कंपनियां भी खोल रखी थी जाहिर तौर पर यह कंपनियां इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के लिए थी लेकिन इन्हीं के जरिए भारत से यूरोप तक नशे का कारोबार होता था विदेशों से पेमेंट ज़ेटक सॉफ्टेक नाम की कंपनी को किया जाता था। 

इस तरह खुला राज
2 अगस्त को एनसीबी ने दिल्ली के फॉरेन पोस्ट आफिस से 44 पार्सल बरामद किया था, जो यूएसए और यूके जाने वाले थे। इसके बाद एनसीबी  गुरुग्राम पहुची अमित के कॉल सेंटर और उसकी कंपनी पर छापेमरी कर 22410 टेबलेट बरामद किया जिसमे Diazapam, zolpidam, clonozapam, Nitrezapam, और Tramadol के अलवा और कई दवाइयां शामिल हैं।https://youtu.be/_y_ncRaR-oA यह सभी टैबलेट साइको ट्रॉपिक और नारकोटिक मटेरियल वाले हैं जो कि विदेशों में बैन है। भारत में यह दवाइयां पेन किलर एंटी एंग्जायटी, नींद की गोलियों के रूप में इस्तमाल किया जाता है। इनको बाजार से खरीदने के बाद इनका सील हटा दिया जाता था और इनपर हर्बल दवाइयों का टैग लगा कर पार्सल किया जाता था
सस्ती दवा महंगा लाभ https://youtu.be/IO7wgdvuMEY
यह सभी प्रतिबंधित दवाइयां भारत में बहुत सस्ते दामों में मिल जाती हैं लेकिन अमेरिका और इंग्लैंड में पहुंच गए इसकी कीमत कई गुना ज्यादा बढ़ जाती है इसके अलावा यूरोपियन देशों में फार्मास्यूटिकल ड्रग्स का चलन काफी बढ़ चुका है जिसकी वजह से यह डिमांड अब भारत से पूरी हो रही है आरोपी अमित पहले एक फार्मास्यूटिकल कंपनी में काम करता था वहां से इन दवाइयों को के बारे में उसे जानकारी मिली और उसके बाद से वह इस बिजनेस में लग गया।https://youtu.be/MBMo5LIlwIc

पढ़ा लिखा तस्कर
अमित IT ग्रेजुएट है, प्रतिबंधित दवाइयों की सप्लाई करके यह 1 साल में करोड़ों रुपए कमाता था।फिलहाल इसके पास से मिली दवाइयों को जब्त कर लिया गया है और पूरे मामले में जांच की जा रही है एनसीबी के मुताबिक इसके विदेशी एजेंटों को भी तलाश की जा रही है।

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