जानिए किस वीजा को पसंद कर रहे हैं भारत आने वाले पर्यटक

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नोटबंदी को लेकर चाहे जो बातें हो रही हों मगर भारत आने वाले पर्यटको के बीच आजकल एक खास तरह की वीजा की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। जी हां भारत आने वाले विदेशी पर्यटक आजकल ई-वीजा को पसंद करते हैं। ईवीजा से आने वाले पर्यटकों की संख्या ने पिछले साल की संख्या पार कर ली है।
नवंबर, 2016 में ई-पर्यटक वीजा पर कुल मिलाकर देश में 1,36,876 पर्यटकों का आगमन हुआ, जबकि नवंबर, 2015 में 83,501 पर्यटक आए थे। इस तरह नवंबर, 2016 में ई-पर्यटक वीजा पर आए पर्यटकों की संख्‍या में नवंबर, 2015 की तुलना में 63.9 प्रतिशत की उल्‍लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पर्यटक वीजा सुविधा का लाभ उठाने में ब्रिटेन (22.3 प्रतिशत) लगातार शीर्ष स्‍थान पर रहा। उसके बाद अमेरिका (12.9 प्रतिशत) और रूस (8.7 प्रतिशत) रहे। ई-पर्यटक वीजा सुविधा भारत में 16 हवाई अड्डों पर 155 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्‍ध है। नवंबर, 2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा सुविधा का लाभ उठाने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्‍या में नवंबर, 2015 की अवधि की तुलना में महत्‍वपूर्ण वृद्धि हुई है।

नवंबर,2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा की मुख्य बातें निम्नलिखित रहीं:

(i) नवंबर, 2016 के दौरान 63.9 प्रतिशत की उल्‍लेखनीय बढ़ोतरी के साथ ई-पर्यटक वीजा पर कुल मिलाकर 1,36,876 पर्यटक आए, जबकि नवंबर,2015 में महज 83,501 पर्यटक ही आए थे।

(ii) जनवरी-नवंबर,2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा पर कुल मिलाकर 9,17,446 पर्यटक आये, ज‍बकि जनवरी-नवंबर, 2015 में यह संख्‍या 3,41,683 थी। अत: इस तरह पर्यटकों की संख्‍या में 168.5 प्रतिशत की उल्‍लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

(iii) यह बढ़ोतरी 150 देशों के लिए ई-पर्यटक वीजा की पेशकश करने से ही संभव हुई है, जबकि पहले यह संख्या केवल 113 ही थी।

(iv) नवंबर, 2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा सुविधाओं का लाभ उठाने वाले शीर्ष 10 स्रोत देशों की हिस्सेदारी प्रतिशत में निम्नलिखित रही:

ब्रिटेन (22.3 प्रतिशत), संयुक्त राष्ट्र अमेरिका (12.9 प्रतिशत), रूस (8.7 प्रतिशत), फ्रांस (6.3 प्रतिशत), चीन (6.1 प्रतिशत), जर्मनी (4.6 प्रतिशत), ऑस्‍ट्रेलिया (4.1 प्रतिशत), कनाडा (3.6 प्रतिशत), नीदरलैंड (1.8 प्रतिशत) और यूक्रेन (1.8 प्रतिशत)।

(v) नवंबर, 2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा पर आए पर्यटकों के मामले में शीर्ष 10 हवाई अड्डों की हिस्सेदारी प्रतिशत में निम्नलिखित रही:

नई दिल्ली हवाई अड्डा (44.99 प्रतिशत), मुंबई हवाई अड्डा (18.53 प्रतिशत), डाबोलीन (गोवा) हवाई अड़डा (14.19 प्रतिशत), चेन्नई हवाई अड्डा (5.26 प्रतिशत), बेंगलुरू हवाई अड्डा (5.23 प्रतिशत), कोच्चि हवाई अड्डा (2.99 प्रतिशत), कोलकाता हवाई अड्डा (2.32 प्रतिशत), हैदराबाद हवाई अड्डा (1.94 प्रतिशत), त्रिवेंद्रम (1.32 प्रतिशत) और अमृतसर हवाई अड्डा (1.11 प्रतिशत)।

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