क्राइम करने के लिए 2-10 लाख में नीलाम हो जाते हैं बच्चे-दिल्ली पुलिस का खुलासा

0
843

आलोक वर्मा

बैंड बाजा बारात ये तीनों शब्द सुनकर किसी को भी खुशी का अहसास होता है। मगर देश में बदमाशों का एक ऐसा सिंडिकेट भी है जिसका काम बैंड बाजा बारात में लाखों की ज्वेलरी पर हाथ साफ करना है। मगर हाथ की सफाई के लिए देश भर में निकलने से पहले ये सिंडिकेट भोले-भाले मासूम बच्चों की बोली लगाता है। बोली भी छोटी मोटी नहीं 2-10 लाख रूपये तक की ये बोली लगाई जाती है सिर्फ 1 साल के लिए।

दरअसल मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में कुछ गांव ऐसे हैं जहां शादी समारोहों में हाथ साफ करने वाले गैंग रहते हैं। गैंग के लोग वारदात को अंजाम देने के लिए बच्चों का इस्तेमाल करते हैं औऱ इसी काम के लिए बाकायदा छोटे बच्चों की  नीलामी की जाती है।

जो भी उनकी  1 साल के लिए सबसे ऊंची बोली लगाता है, वह उन बच्चों से चोरी करवा सकता है। काबिलियत के हिसाब से एक बच्चे की बोली 2 से 10 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। बच्चे के परिवार वालों को किश्तों में पैसा दिया जाता है। जो बच्चा देखने में मासूम और खूबसूरत दिखाई देता है, उसकी बोली अधिक लगती है क्योंकि किसी की शादी-पार्टी में ऐसे बच्चे के साथ जाने पर आसानी से शक नहीं होता। बच्चों को एक महीने की ट्रेनिंग दी जाती है। यह भी सिखाया जाता है कि अगर वे पकड़े गए तो उन्हें क्या करना है और क्या कहना है।

निलामी में लिए गए बच्चों को लेकर यह गैंग देश के बड़े शहरों की ओर निकल जाता है। भोले भाले मासूम बच्चों की निलामी का इस रैकेट का खुलासा किया है दिल्ली के साउथ वेस्ट जिला पुलिस के आपरेशन सेल ने। साउथ वेस्ट डीसीपी सुरेन्द्र कुमार के मुताबिक एसीपी राजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एसआई अरविंद कुमार, एसआई प्रदीप कुमार, एएसआई महेन्द्र आदि ने कापसहेड़ा में 19 जून को एक शादी समारोह के दौरान हुई वारदात की सीसीटीवी जांच में बारात में आए 4-5 अजनबियों की पहचान की गई। इनमें 2 बच्चे भी थे। वारदात का लिंक मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से जुड़ा। वहां के उन गांवों में पुलिस टीम भेजी गई, जहां अपराधी के होने का शक था। सुराग मिलने पर द्वारका के पास पोचनपुर से एक शख्स को पकड़ लिया गया।
( देखें वीडियो https://youtu.be/5oREvn1SftM  )     पूछताछ में उसका नाम राका पता लगा। उसने पुलिस को बताया कि वही इस गैंग का मास्टर माइंड है। राका अपने साथ एक बुजुर्ग और दो बच्चों को रखता था।

पहले ये लोग बारात में जाकर नाश्ता आदि करते थे। इस बहाने आराम से वहां की सिक्यॉरिटी और उस आदमी को टारगेट कर लेते थे, जिसके पास पैसों और जूलरी से भरा बैग होता था। वारदात को अंजाम देने के बाद अपने साथियों के साथ फरार हो जाते थे। इनके दो और साथी बाहर ऑटो या बाइक पर इनका इंतजार कर रहे होते थे।

पुलिस के अनुसार राका ‘बच्चों को लाने के बा उन्हें दिल्ली-एनसीआर की उन बारातों में भेजता था, जहां बिना कार्ड के एंट्री होती थी। ये बच्चे बरात में उस शख्स को टारगेट करते थे, जिसे बारात में आने वाले शगुन या दूसरी चीजें देते थे या जिसके पास नोट और जूलरी आदि से भरा बैग होता था।

जैसे ही इन्हें मौका मिलता, वैसे ही बच्चों के माध्यम से उस बैग को उड़ा लेते थे। उसकी निशानदेही पर चार लाख नकद, एक महंगी घड़ी और लाखों की जूलरी बरामद की गई है। 32 साल का राका राजगढ़, मध्य प्रदेश का रहने वाला है। उसके गैंग में नीरज और कुलजीत समेत कुछ और सदस्य हैं। इनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी उम्र 9 से 15 साल के बीच है। 

 

 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here