और सुप्रीम कोर्ट ने दी गर्भपात की इजाजत

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सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई की 23 साल की गर्भवती महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे गर्भपात की इजाजत दे दी।  उसने 24 हफ्ते होने पर गर्भपात कराने की गुहार लगाई थी।
याचिका में कहा गया था कि 21 हफ्ते में टेस्ट कराने पर पता चला कि भ्रूण के सिर का हिस्सा नहीं है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के KEM अस्पताल को महिला के मेडिकल टेस्ट करने और रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे जबकि केंद्र सरकार से उसकी राय मांगी थी।
दरअसल मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेगनेंसी एक्ट MTP एक्ट में प्रावधान है कि 20 हफ्ते के बाद गर्भपात नहीं किया जा सकता। इसके तहत सात साल तक की सजा का प्रावधान है।
हालांकि इसके तहत ये छूट भी है कि अगर मां या बच्चे को खतरा हो तो गर्भपात किया जा सकता है।
इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने एेसे कई मामलों में गर्भपात की इजाजत दी है।
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