इस तरह बदल रही है नोएडा की पुलिस,देखें वीडियो

नोएडा, आलोक वर्मा। देश की राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा यानि गौतम बुद्ध नगर की पुलिस सिस्टम को बदले एक महीना हो चुका है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जनवरी में नोएडा में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को लागू करने का फैसला किया था। 15 जनवरी को लगभग दस लाख की आबादी वाले इस शहर के पुलिस कमिश्नर की जिम्मेवारी 1995 बैच के आईपीएस अफसर आलोक सिंह को दी गई थी।

आलोक सिंह, पुलिस आयुक्त, नोएडा

ड्रग, नक्सल नेटवर्क विरोधी कार्रवाई की वजह से चर्चित रहे और कई तरह के सम्मान प्राप्त एमबीए तक की शिक्षा प्राप्त आलोक सिंह और उनकी टीम के नेतृत्व में नोएडा पुलिस धीरे-धीरे बदलने लगी है।   

यूं आ रहा है नोएडा में बदलाव

वरिष्ठ आईपीएस आलोक सिंह की कार्यशैली में इंस्टीट्यूशन की अहमियत सबसे ज्यादा है। यही वजह है कि नोएडा की नई पुलिसिंग में इस पर सबसे ज्यादा फोकस किया जा रहा है। एक महीने में नोएडा ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की संख्या में बढ़ोत्तरी की बात हो या सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर भर में कैमरों का जाल बिछाने की। नोएडा की नई पुलिस सिस्टम में हरेक मुद्दे पर तेजी से काम किया गया है। ट्रैफिक पुलिस पर खास ध्यान देने का नतीजा है कि पिछले माह जनवरी में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए पिछले साल के मुकाबले करीब 45 प्रतिशत ज्यादा चालान हुए।

अकेले एक ही दिन यानि 15 फरवरी को शाम 7 से 11 बजे तक एक साथ 90 स्थानों पर चैकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 3300 वाहन चेक किये गये जिनमे 1215 वाहनो के चालान किये गये , 81 वाहन सीज , जिनमे 07 वाहन बिना नम्बर प्लेट, 59 वाहनो की नम्बर प्लेट टूटी फूटी/फेंसी व 04 अभियुक्त गिरफ्तार कर लिए गए। इसके अलावा जनवरी में 55424 वाहनों के चालान किए गए। यह आंकड़ा पिछले वर्ष जनवरी की तुलना में 43.38% अधिक है।

फेसियल रिकागनिशन कैमरे

गौतम बुद्ध नगर यानि नोएडा में लगने वाले सीसीटीवी एक खास विशेषता वाली होगी। इन कैमरों में फेस आईडेंटीफिकेशन यानि चेहरा शिनाख्त करने की क्षमता होगी। आपको याद होगा दिल्ली में इस बार गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा में इसी तरह के कैमरे इस्तेमाल किए गए थे। यह कैमरा एक खास सॉफ्टवेयर से युक्त होता है। इसमें देश भर के संदिग्धों का डाटा बेस अपलोड कर दिया जाता है। इस सॉफ्टवेयर को शहर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे से जोड़ दिया जाता है। अब जैसे ही संदिग्ध या उससे मिलता जुलता चेहरे वाला शख्स कैमरे की जद में आता है कैमरा उसे तुरंत पहचान कर कंट्रोल रूम में लगे लाल रंग का बटन ब्लिंक करने लगता है। इस संकेत को कंट्रोल रूम में सीसीटीवी फुटेज पर निगरानी रख रहे सुरक्षाकर्मी समझ कर तुरंत उचित कार्रवाई कर सकते हैं।

नोएडा में लगने वाले उपरोक्त प्रोजेक्ट का प्रजेंटेशन भी हो चुका है औऱ रिपोर्ट भी तैयार हो चुकी है।

स्मार्ट पुलिसिंग

 पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह की पहल पर पहली बार नोएडा में बॉडी कैमरा और बाइक से लैस बीट सिपाही घूमने लगे हैं। इस प्रकार की नई बीट प्रणाली बिसरख से शुरू की गई है। इससे पहले नोएडा में प्रभावी बीट पेट्रोलिंग का सिस्टम नहीं था।

यही नहीं नोएडा में पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ी है। सड़कों पर पुलिस दिखती है। बड़े अफसर भी सड़कों पर घूमने लगे हैं। पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह का मानना है कि इस तरह की स्मार्ट पुलिसिंग से सामुदायिक पुलिसिंग के साथ साथ, जांच आदि का काम भी सहज होगा।

पुलिस का अंदरूनी माहौल ठीक करने की कोशिश

किसी इंस्टीट्यूशन का मजबूत होना वहां की कार्यशैली और काम करने के माहौल पर भी निर्भर करता है। इस बात का ख्याल रखा जा रहा है। यही वजह है कि पुलिस आवास के लिए 300 करोड़ का प्रोजेक्ट सरकार के पास भेजा गया है।

नोएडा में ऑन डिमांड छुट्टी की सिस्टम भी शुरू किया गया है तो हेल्थ कियोस्क भी लगाए जा रहे हैं। पुलिस आवासीय कालोनी की स्वच्छता को लेकर गोष्ठी आदि का आयोजन तो हो ही रहा है साथ ही थानों में बेकार खड़ी गाडियों और केस प्रोपर्टी के लिए नोएडा के सेक्टर 62 में एक जगह भी चिन्हित कर लिया गया और वहां गाडियां रखी भी जाने लगी हैं।     

अपराधियों पर नकेल

नई व्यवस्था और सड़को पर दिख रही पुलिस का असर क्राइम पर पड़ना स्वाभाविक है। यही कारण है कि एक महीने में करीब 455 स्नैचर और लुटेरे पकड़े जा चुके हैं। कांस्टेबल से लेकर सबइंस्पेक्टर तक को जमानत पर बाहर आए बदमाशों की गतिविधियों की व्यक्तिगत तौर पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है।

अगर पुलिस कार्रवाई की बात करें तो आपको याद होगा कि एक कर्नल से गन प्वायंट पर लूटी गई स्कार्पियो मात्र 36 घंटे में बरामद की गई और कर्नल को खुद पुलिस कमिश्नर ने अपने हाथ से कार लौटाई थी। पुलिस टीम को एक लाख का इनाम दिया गया।

पुलिस व अपराधियों के बीच अब तक 10 पुलिस मुठभेड हुए है जिनमें 09 अपराधी घायल व कुल 23 गिरफ्तार कर जेल भेजे गये है। मुठभेड के दौरान 02 पुलिस कर्मी घायल हुये है। गिरफ्तार किये गये अपराधियों में से 15 अपराधियों पर पुरूस्कार घोषित था।

पुलिस ने शराब तस्कारों पर शिकंजा कसते हुये लगभग 18 हजार 537 लीटर अवैध शराब तथा कुल 51 अभियुक्त गिरफ्तार किये।

अवैध हथियारों के साथ कुल 68 अपराधियों को गिरफ्तार कर 03 रिवाल्वर , 45 देशी पिस्टल.21 चाकू तथा 85 कारतूस बरामद किये गय है।

महिलाओं के साथ उत्पीडन करने वाले 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वाले लगभग 300 व्यक्तियों का चालान किया गया।

देखें वीडियो पड़ताल-

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Alok Verma
a senior journalist with a 30 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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