मेवात में पकड़ी गई अवैध हथियारों की फैक्टरी, देखें लाइव फैक्टरी

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मेवात में चल रही अवैध हथियारों की फैक्टरी का भांडाफोड़ किया है। मेवात में पहली बार मिले गैरकानूनी हथियारों की फैक्टरी से भारी मात्रा में हथियार बनाने की सामग्री बरामद की गई औऱ दस हथियार भी बरामद किए गए। पुलिस ने अवैध हथियार फैक्टरी चलाने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के एडिशनल कमिश्नर डॉक्टर अजित कुमार सिंगला के मुताबिक क्राइम ब्रांच के इंटर बार्डर गैंग्स इंवेस्टीगेशन स्कावयड ने राजस्थान के मेवात में छापा मारकर .315 बोर की बंदूक बनाने वाली अवैध फैक्टरी का भांडाफोड़ किया। इस सिलसिले में गिरफ्तार लोगों की पहचान तालिम खान, नौमान, नजर हुसैन और जुबेर खान के रूप में हुई। इस अवैध फैक्टरी की सूचना क्राइम ब्रांच के हेडकांस्टेबल मुकेश कुमार और सिपाही प्रवीण को मिली थी। उन्हें पता लगा था कि अवैध हथियारों का बड़ा सिंडीकेट खेप लेकर नजफगढ़ इलाके में आने वाला है। इस सूचना के आधार पर डीसीपी जॉय टर्की और एसीपी मनोज पंत की देखरेख में इंस्पेक्टर रिछपाल सिंह, एसआई संजय शर्मा, एएसआई सत्येन्द्र हेडकांस्टेबल मुकेश. ब्रजलाल, कांस्टेबल, श्याम सुंदर, धर्मराज, मिंटू और प्रवीण की टीम बनाई गई। इस टीम ने द्वारका छावला रोड पर जाल बिछाकर .315 बोर के 10 बंदूकों के साथ उपरोक्त चार लोगों को गिरफ्तार किया।

उनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने भरतपुर के गढ़ीजान पहाड़ी पर छापा मारकर हथियार बनाने की फैक्टरी का पर्दफाश किया। इस फैक्टरी से भारी संख्या में बैरल बनाने वाली पाइप सहित हथियार बनाने वाले सामान और औजार बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि दिल्ली एनसीआर में सक्रिय गैंग को पिछले चार साल से हथियार सप्लाई हो रहा है। इसके लिए प्रति पिस्टल 8-10 हजार रूपये लिए जाते थे जबकि इसे बनाने में उन्हें सिर्फ 500 रूपये का खर्च आता था।       

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस: क्यों मनाया जाता है और हर नागरिक के लिए इसका क्या महत्व है? | CKYC नंबर है या नहीं? अभी जानें, एक नंबर से आसान होगी बैंकिंग और बढ़ेगी साइबर सुरक्षा | श्राद्ध में कौवे को पहला ग्रास क्यों दिया जाता है? जानिए काक बलि का रहस्य | ऑपरेशन Cy-Vajra में बड़ा खुलासा, 8 फर्जी कॉल सेंटर सील, 49 गिरफ्तार, ऐसे काम करता है साइबर ठगी का नेटवर्क | RBI आंतरिक लोकपाल (Internal Ombudsman) क्या है? साइबर फ्रॉड पीड़ितों के लिए शिकायत निवारण का मजबूत सुरक्षा तंत्र | दिल्ली ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, जानिए कैसे मिलकर काम करती हैं Delhi Traffic Police और दूसरी एजेंसियां | बिना डेटा वाला मोबाइल रिचार्ज प्लान क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद? | क्या आपका स्मार्टफोन आपकी जासूसी कर रहा है? जेब में रखा फोन कैसे बन सकता है निगरानी का सबसे बड़ा हथियार | भारत में डिजिटल इंडिया अभियान का अगला बड़ा पड़ाव गांवों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतनेट, 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने के लिए कई प्रयास हुए हैं। अब इन्हीं प्रयासों को नई गति देने का दावा एक ऐसे मॉडल के जरिए किया गया है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान और सरकारी अनुसंधान संगठन एक साथ काम कर रहे हैं। | वन्दे माँ नर्मदे: माँ नर्मदा की महिमा, इतिहास और भारतीय संस्कृति को समर्पित महत्वपूर्ण कृति |
19-07-2026