दिल्ली में हुई इस मर्डर मिस्ट्री की कहानी बड़ी हैरान कर देने वाली है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने करीब डेढ़ महीने पहले हुई इस मर्डर मिस्ट्री से पर्दा उठा दिया है। 13 अप्रैल को साउथ दिल्ली के मालवीय नगर में एक एमबीए छात्र की हत्या हुई थी। एमबीए हर्ष किराए के फ्लैट में दो साल से रह रहा था। वह दिल्ली और आसपास के कई समलैंगिक क्लबों का सदस्य थी। इस मामले में स्थानीय पुलिस पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है।
मर्डर मिस्ट्री आरोपी बिना टिकट ट्रेन में घूमता रहा
क्राइम ब्रांच के डीसीपी राकेश पावरिया के मुताबिक मालवीय नगर में हुई इस सनसनीखेज हत्या को देखते हुए एसीपी नरेश सोलंकी की देखरेख में इंस्पेक्टर सुशील कुमार के नेतृत्व में एएसआई अशोक दहिया, सोनू नैन, नरेन्द्र मलिक, कुलदीप मान, हेडकांस्टेबल प्रमोद, सूर्य देव, योगेश तोमर और महिला कांस्टेबल रेणु की टीम बनाई गई थी। पुलिस टीम ने देहरादून, हरिद्वार और अन्य जगहों पर छापेमारी कर गुरूग्राम से विरेन्द्र उर्फ मोटा को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में उसने बताया कि 11 अप्रैल को हत्या के बाद से ही वह दिल्ली एनसीआर में छिपता रहा। इस बीच उसने बिना टिकट ट्रेन में यात्राएं की और गुरूद्वारा और भंडारा में खाना खाता रहा। 12 वीं कक्षा तक शिक्षा लेने के बाद वह रैपीडो में काम कर रहा था। वारदात वाले दिन वह हर्ष के पास अपने एक दोस्त मोहित के साथ पहुंचा था। मोहित को मालवीय नगर पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
सनसनखेज है मर्डर की वजह
पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि विरेन्द्र उर्फ मोटा की हर्ष की मां के साथ अवैध संबंध थे। इस बात को हर्ष जान गया था। आरंभ में हर्ष उसे मारना चाह रहा था मगर बाद में दोनो दोस्त बन गए थे। हर्ष और मोटा के बीच समलैंगिक संबंध भी थे। 11 अप्रैल को हर्ष ने वीडियो कॉल कर के विरेन्द्र को बीयर पार्टी के लिए बुलाया था। विरेन्दर अपने दोस्त मोहित के साथ वहां पहुंचा। नशे में विरेन्द्र और हर्ष के बीच समलैंगिक संबंध बने। उसी दौरान हर्ष ने उसकी मर्दानगी को लेकर चुनौती दे दी। इसी बात से गुस्से में विरेन्द्र ने उसका गला दबा दिया।
हत्या की वारदात के बाद दोनों ने हर्ष का मोबाइल रोहणी में फेंक दिया। लेकिन वह और उसके दोस्त सीसीटीवी में कैद हो गए थे।
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