Crime story-छोले-भटूरे की रेहड़ी लगाता था शख्स जांच हुई तो सामने आया बहुत बड़ा सच

Crime Story 3

Crime story-यूपी के मैनपुरी में रामलीला मैदान के पास एक शख्स छोले भटूरे की रेहड़ी लगाता था। गुरदयाल छोले वाला के नाम से इस रेहड़ी के बगल में दिल्ली क्राइम ब्रांच के एएसआई सोनू नैन ने आम की रेहड़ी लगा दी। सोनू नैन ने गुरदयाल की सघन जांच शुरू की। आखिरकार एक ऐसा सच सामने आया जिसे जानकर आप भी कह उठेंगे “कर्म की सजा यहीं और जरूर मिलती है।”

Crime story-इस तरह शुरू हुई जांच

क्राइम ब्रांच के डीसीपी राकेश पावरिया के मुताबिक चुनाव आयोग और आला अधिकारियों के निर्देश के मुताबिक उन्होंने एसीपी नरेश सोलंकी की देखरेख में इंस्पेक्टर सुशील कुमार के नेतृत्व में एएसआई सोनू नैन, अशोक दहिया, नरेन्द्र मलिक, कुलदीप मान, हेडकांस्टेबल प्रमोद, सुर्य देव और योगेश की टीम बनाई गई थी ताकि फराद बदमाशों को पकड़ा जा सके।

एएसआई सोनू नैन को सूचना मिली की दिल्ली में 20 साल पहले हुई अनाज कारोबारी के अपहरण और हत्या में लिप्त आरोपी सिपाही लाल मैनपुरी में रह रहा है। उपरोक्त पुलिस की जांच में पता लगा कि सिपाही लाल नाम बदलकर मैनपुरी रामलीला मैदान के पास गुरदयाल छोले वाला के नाम से छोले भटूरे की रेहड़ी लगाता है। एएसआई सोनू नैन ने भी नहीं आम बेचने की रेहड़ी लगानी शुरू कर दी।

जांच पड़ताल में सूचना की पुष्टि हो गई। पुलिस टीम ने गुरदयाल छोले वाला से पूछताछ की तो शुरू में वह नकारता रहा मगर पुलिस की कड़ी पूछताछ में खुलासा हुआ कि वही सिपाही लाल है। उसकी तलाश 20 साल से थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

यह था पूरा मामला

जिस मामले में सिपाही लाल की तलाश थी। वह 31 अक्टूबर 2004 का है। उस दिन करवा चौथ था। शकुरपुर के अनाज कारोबारी रमेश चंद गुप्ता घर से कार से निकले मगर वापस नहीं लौटे। उनका मोबाइल भी बंद था। उनके भाई जगदीश ने अगवा किए जाने का मामला दर्ज करवाया। शालीमार बाग में दर्ज इस मामले में फल और सब्जी का कारोबार करने वाले मुकेश पर संदेह जताया गया था।

जांच के दौरान रमेश की कार बहादुरगढ पुलिस के पास बरामद हुई। संदिग्ध आरोपी भी अपने घर पर मौजूद नहीं था। सघन जांच के बाद पुलिस ने संदिग्ध आरोपी मुकेश वत्स को दबोचा तो पता लगा कि उसने अपने कर्मचारियों सिपाही लाल, शरीफ खान, कमलेश और राजेश के साथ मिलकर रमेश को अगवा किया था। वह फिरौती वसूलना चाह रहे थे। लेकिन इसके पहले कि वह फोन करते उनसे रमेस का कत्ल हो गया। रमेश की लाश उन्होंने कराला गांव के गंदे नाले में फेंक दिया।

पुलिस ने इस मामले में मुकेश, शरीफ और कमलेश को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें अदालत से आजीवन कारावास की सजा हुई। मामले में आरोपी सिपाही लाल और राजेश तभी से फरार थे।

पढ़ने योग्य


Support India Vistar

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | सीआईएसएफ महिला तीरंदाजी टीम बनी चैंपियन, बल ने 16 पदक जीते | मोबाइल पर बिना लॉगिन किए ही आ रहा है OTP या Approval request ? अकाउंट हैक होने से पहले कर लें यह काम | CISF जवान की मौत पर परिवार को कितना पैसा मिलता है? बीमा, पेंशन और सरकारी सहायता की पूरी जानकारी | AI से कैसे होती है साइबर ठगी? आपकी आवाज, बैंक खाते और शेयर निवेश पर मंडरा रहा खतरा | JEE main के लिए NTA का सिलेबस, ऐसे करें डाउनलोड | आपके नाम पर खुल सकता है म्यूल बैंक खाता, साइबर ठगी में फंसने से बचने के लिए जानें ये जरूरी बातें | WhatsApp चलाने का तरीका बदल सकता है! SIM Binding के नए नियम से किसे होगी परेशानी? | जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर भाग रहा था यात्री, CISF जवान अभिषेक वर्मा ने रोका, DG ने किया सम्मानित | सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक हो जाए तो क्या करें ? हाई कोर्ट के इस फैसले से समझिए अपने अधिकार | वर्दी में चैंपियन: एशियाई खेलों से पुलिस मैदान तक सीआईएसएफ के खिलाड़ियों की पदक गाथा, मिला डीजी का सम्मान |
27-10-2026