नवरात्रि पर इस बार माता की क्या है सवारी क्या है इसका संकेत

नवरात्रि 26 अक्टूबर से शुरू होने वाली है। नवरात्रि में हर बार मां अलग सवारी पर सवार होकर आती हैं। धर्मशास्त्रो में माता की सवारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई है। पहले जानते हैं कि इस बार नवरात्रि में मां दुर्गा किसकी सवारी कर रही हैं।

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नवरात्रि

नवरात्रि 26 अक्टूबर से शुरू होने वाली है। नवरात्रि में हर बार मां अलग सवारी पर सवार होकर आती हैं। धर्मशास्त्रो में माता की सवारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई है। पहले जानते हैं कि इस बार नवरात्रि में मां दुर्गा किसकी सवारी कर रही हैं। मान्यताओं के अनुसार इस बार मां दुर्गा हाथी की सवारी से होकर आ रही हैं, जिसका मतलब है कि इस बार बहुत बारिश होने वाली है। यह इसका संकेत है। मां की सवारी और उससे मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभावो के बारे में विस्तार से हम बताने जा रहे हैं। धर्म शास्त्रों में मां कब किस सवारी पर आएंगी इसके बारे में चर्चा की गई है।

मां की सवारी का अर्थ

धर्म शास्त्रों में मां कब किस सवारी पर आएंगी इसके बारे में चर्चा की गई है। इसपर श्लोक भी लिखा गया है, जो इस प्रकार है- शशि सूर्य गजरुढा शनिभौमै तुरंगमे। गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता।

श्लोक के अनुसार अगर नवरात्रि सोमवार या रविवार से प्रारंभ होती है तो माता हाथी पर विराजमान होकर आती है। यदि नवरात्रि शनिवार या मंगलवार से प्रारंभ हो तो माता की सवारी घोड़ा होता है। वहीं यदि शुक्रवार और गुरुवार को नवरात्रि शुरू होती है तो मातारानी डोली में आती हैं। यदि बुधवार से नवरात्रि प्रारंभ हो तो माता का आगमन नौका पर होता है।

इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं जिसका अर्थ है कि बारिश अच्छी होगी। हाथी की सवारी हरियाली का संकेत होती है। आपको बता दें कि आगमन के साथ मां दुर्गा की विदाई की भी तारीख तय है। अगर मां हाथी पर सवार होकर जाती हैं तो शुभ माना जाता है। इस बार माता दुर्गा हाथी पर सावर होकर जैसे जा रही हैं वैसे ही हाथी की सवारी से ही जाएंगी भी। इस बार नवरात्रि 26 सितंबर से 05 अक्टूबर तक रहेगी।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। इंडिया विस्तार इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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