ayushman bharat digital mission: आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत 70 साल और उससे अधिक उम्र के सभी नागरिकों के लिए पीएम मोदी द्वारा स्वास्थय बीमा की शुरूआत धनतेरस के दिन यानि 29 अक्टूबर को हो सकती है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 साल और उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को 5 लाख का निशुल्क उपचार देने की यह योजना है। इस लेख में हम जानेंगे कि आयुष्मान भारत मुफ्त उपचार योजना में पंजीकरण की प्रक्रिया क्या है, किसे लाभ मिल सकता है, योजना का दायरा और किन बीमारियों का इलाज होगा।
ayushman bharat digital mission: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में ये अस्पतालः
एबीपीएमजेएवाई के तहत सितंबर 2024 तक 12696 निजी अस्पताल सहित कुल 29648 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। बुजुर्गों के लिए आरंभ होने वाली योजना 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की जा रही है। दिल्ली, ओडिसा और पश्चिम बंगाल को छोड़कर इस योजना का लाभ अन्य राज्यों के 70 वर्ष से अधिक आयु के लोग भी उठा सकते हैं।
आयुष्मान भारत में ऐसे होता है राजिस्ट्रेशन
मुफ्त उपचार योजना में पंजीकरण कराने के लिए सबसे पहले लाभार्थी को नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की वेबसाइट या आयुष्मान मोबाइल एप पर पंजीकरण कराना होगा। यहीं पर 70 वर्ष से अधिक उम्र के लिए राजिस्ट्रेशन लिंक मिलेगा। जो लोग पहले से योजना में कवर हो रहे होंगे उन्हें अपने केवाईसी अपडेट कराने होंगे। पहली बार शामिल होने वालों को ओटीपी के जरिए पंजीकरण कराना होगा। उम्र प्रमाण पत्र के लिए आधार कार्ड जरूरी है। आधार के अलावा किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं है।
पंजीकरण कराते ही लाभार्थी का आयुष्मान कार्ड जनरेट होगा और वह तत्काल उसका लाभ लेना शुरू कर सकता है। जिस व्यक्ति के पास निजी स्वास्थ्य बीमा है या ईएसआई के तहत उसे लाभ मिल रहा हैवह साथ साथ इसका लाभ ले सकता है। सीजीएचएस, ईसीएचएस या राज्य या केंद्र की किसी योजना का लाभ लेने वाले को किसी एक को चुनना होगा। जो परिवार पहले से कवर हो रहे हैं उनमें बुजुर्गों के लिए 5 लाख का अतिरिक्त टॉपअप दिया जाएगा। इसे 70या उससे अधिक उम्र वाले ही कर पाएंगे। दो बुजुर्ग होने पर बीमा राशि 5 लाख ही होगी।
इस योजना के दायरे में 70 और उससे अधिक उम्र के सभी नागरिक शामिल हैं। इससे 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित होंगे। 4.5 करोड़ परिवारों को लाभ होगा। पात्रों को विशेष कार्ड जारी किया जाएगा। इस समय 30 हजार 174 से ज्यादा अस्पताल आयुष्मान से जुड़े हुए हैं। 6 करोड़ से ज्यादा लोग मुफ्त इलाज करा चुके हैं। इसके तहत नेत्र, मानसिक स्वास्थ्य, जलना चोट लगना, फ्रैक्चर, हड्डियों और जोड़ो से संबंधित उपचार शामिल हैं।
इसके अलावा कैंसर उपचार, कीमोथेरेपी, सर्जरी, डायरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, निमोनिया, एचआईबी सहित अन्य बीमारियों का उपचार शामिल है। इसमें टेस्ट, उपचार औऱ परामर्श के अलावा दवा और चिकित्सा उपभोग्य वस्तुएं, डायग्नास्टिक औऱ लैब टेस्ट आदि भी शामिल हैं। इस समय उत्तर प्रदेश में 5.11 करोड़ औऱ मध्य प्रदेश में 4.2 करोड़ लोगों के पास आयुष्मान कार्ड है।
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