विदेश यात्रा का प्लान है, पढ़ लीजिए यह खबर लूट जाने से बच जाएंगे आप !

विदेश यात्रा का प्लान बना रहे हैं ? नौकरी के लिए, घूमने के लिए या फिर किसी औऱ मकसद के लिए, तो पहले जान लीजिए कि आईजीआई एयरपोर्ट पर पिछले साल से इस साल 31 अगस्त तक कुल 99 एजेंट गिरफ्तार किए गए हैं। पिछले साल पूरे 12 महीने में 55 औऱ इस साल 8 महीने में 44 एजेंट गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसीलिए आईजीआई पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि फोन काल, ईमेल, सोशल मीडिया या विज्ञापनों के माध्यम से लुभावने प्रस्ताव दे रहे धोखेबाज एजेंटों से सावधान रहें।

आईजीआई पुलिस डीसीपी विक्रम पोरवाल के मुताबिक एसीपी रमेश कुमार की देखरेख में आईजीआई थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर अनुज कुमार एसआई संजीव चौधरी, एएसआई केहर सिंह, हेडकांस्टेबल सुरेश, कांस्टेबल दिनेश और लोहित की टीम ने महबूब खान, सैफ बारी और महेश कुमार नाम के तीन एजेंटों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी की पूरी कार्यवाही से आप समझ सकते हैं कि आईजीआई पुलिस धोखेबाज एजेंटो से बचने की अपील क्यों कर रही है।

डीसीपी विक्रम पोरवाल के मुताबिक 25-26 अगस्त की रात को वसीम, मोहम्मद उस्मान, मोहमम्द तनवीर और सलमान नाम के चार यात्री आर्मेनिया से डिपोर्ट होकर दिल्ली पहुंचे। ये चारो ई वीजा के बल पर 24 अगस्त को आर्मेनिया के लिए उड़े थे मगर येरेवन एयरपोर्ट पर इनके वीजा नकली पाए गए और इन्हें वापस भेज दिया गया। पुलिस ने इन चारो यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में पकड़े गए यात्रियों ने बताया कि नकली वीजा की व्यवस्था सैफ नाम के एजेंट ने की थी। सैफ को प्रति वीजा डेढ़ लाख रुपये दिए गए थे। पुलिस ने सैफ को पकड़ा तो पता लगा कि नकली ई वीजा महेश नाम के शख्स की मदद से मिला था। पुलिस आरोपी महेश को भी गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ में पता लगा कि वह दिल्ली के तैमूर नगर में टिकट एजेंट के तौर पर काम करता है। उसने बताया कि उसे नकली वीजा महबूब नाम के एजेंट ने दिया था। पुलिस ने महबूब को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक महबूब खान इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है। आरोपी महबूब खान विदेश यात्रा के इच्छुक व्यक्तियों की पहचान करता था और उन्हें वीजा / पासपोर्ट प्रदान करने के लिए लुभाता था। इसके अलावा, उस व्यक्ति की पहचान करने के बाद वह फर्जी ई-पेपर वीजा प्रदान करने की आगे की प्रक्रिया के लिए महेश और सैफ को संबंधित विवरण प्रदान करता था।

आईजीआई पुलिस ने विदेश यात्रा के इच्छुक लोगों को ठगने वाले एजेंटों को गिरफ्तार करने के लिए अभियान छेड़ा हुआ है। इस अभियान के तहत आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने वर्ष 2020 के दौरान पासपोर्ट/वीजा जालसाजी मामलों के माध्यम से धोखाधड़ी में शामिल कुल 55 एजेंटों/मास्टरमाइंडों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। उक्त अभियान अभी भी जारी है और टीमों को पकड़ने के लिए भेजा जा रहा है। इस साल 31 अगस्त तक 44 एजेंट गिरफ्तार किए गए हैं।

Support India Vistar

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | त्योहार पर भी ड्यूटी निभाते हैं CISF जवान, DG प्रवीर रंजन ने मिठाई बांटकर बढ़ाया हौसला | CERT-In AI Security Guidelines: एआई से जुड़े साइबर हमले की 6 घंटे में देनी होगी सूचना | मकोका में सजा मिली उम्रकैद, दिल्ली पुलिस ने कैसे जीत ली क्रिमिनल जस्टिस की यह लड़ाई | हैक किए गए ईमेल अकाउंट्स का काला कारोबार: साइबर अपराधी कैसे करते हैं आपके ईमेल का इस्तेमाल? | ईमेल अकाउंट हैक कैसे होता है? AI फिशिंग और बैंकिंग साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके | CISF की नई सुरक्षा व्यवस्था: अब पावर प्लांट से बंदरगाह तक अलग-अलग कमांड संभालेंगे सुरक्षा | दिल्ली-एनसीआर में कोकीन तस्करी का नेटवर्क बेनकाब, युवाओं तक कैसे पहुंच रहा था ड्रग्स का कारोबार? | पेन ड्राइव के साथ साथ ये चीजें भी आपको बना सकती हैं साइबर क्राइम का शिकार | फर्जी लोन और स्कॉलरशिप के नाम पर कैसे होती है ऑनलाइन ठगी? बैंक अकाउंट और फर्जी कॉल के इस खेल को समझें | कार हैकिंग क्या है? Tesla FSD मामला बताता है कि सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ कैसे बन सकती है जानलेवा खतरा |
08-11-2026