Delhi Police Dwarka District ने एक जटिल और संवेदनशील वाहन धोखाधड़ी मामले में सराहनीय कार्य करते हुए उस पूर्व सैनिक को न्याय दिलाया, जिसे 2023–24 में फर्जीवाड़े का शिकार बनाकर जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर वाहन बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।
कैसे पूर्व सैनिक को बनाया गया शिकार
द्वारका डीसीपी अंकित सिंह के मुताबिक मामला पूर्व सैनिक सुभाष चंदर के बेटे संजीव कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
08 फरवरी.2023 को एक व्यक्ति ने स्वयं को Harpreet Singh Randhawa बताकर Innova Crysta (UP-25 CZ XXXX) बेचने के लिए संपर्क किया। ₹14.50 लाख में सौदा तय हुआ। भुगतान आंशिक रूप से खाते में और आंशिक रूप से नकद किया गया। वाहन बाद में Baljeet Singh (Punjab) को बेच दिया गया।
29 मई 2023 को पता चला कि वाहन पर Aslam Khan के नाम से बैंक लोन लंबित है। इसके बाद दोनों आरोपी फरार हो गए। 21 सितंबर 2024 को पंजाब पुलिस ने शिकायतकर्ता और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को लगभग 70 दिन जेल में रहना पड़ा, और मजबूरी में समझौता कर केस बंद कराया गया।
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डीसीपी अंकित सिंह के मुताबिक एसीपी किशोर कुमार रंधावा और इंस्पेक्टर राजेश कुमार शाह की निगरानी और द्वारका सेक्टर 10 चौकी इंचार्ज एसआई रजत मलिक के नेतृत्व में एएसआई संजीव कुमार और हेड कांस्टेबल शैतान सिंह की टीम बनाई गई।
SI Rajat Malik ने बदली जांच की दिशा
जुलाई 2025 में SI Rajat Malik द्वारा केस की दोबारा गहन जांच की गई। जांच में सामने आया कि
- Aslam Khan के नाम पर फर्जी आधार कार्ड
- नकली बैंक NOC
- और RTO रिकॉर्ड से Hypothecation Removal
कराई गई थी।
Satendra Pal Singh का असली रोल उजागर
पूछताछ में खुलासा हुआ कि Satendra Pal Singh S/o Sajjan Singh ने ही Harpreet Singh Randhawa बनकर धोखाधड़ी की। वही RTO और फाइनेंस एजेंट्स से संपर्क कर फर्जी दस्तावेज़ बनाता था।
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शिवारिक की तलहटी में खतरनाक ऑपरेशन
आरोपी लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था और अंततः उसने Pilibhit Tiger Reserve के आसपास नेपाल सीमा के निकट दुर्गम जंगलों में शरण ले ली थी। पुलिस टीमों ने 1200 किलोमीटर से अधिक का पीछा किया।
इस दौरान टीम को
- 1°C तक गिरते तापमान
- मोबाइल नेटवर्क विहीन जंगल
- पानी से भरी नहरें
- और जंगली जानवरों के खतरे
जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
वीडियो देखेंः
ओवरनाइट रेड, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में गांव भोपतपुर, सकरिया, थाना गजरौला, जिला पीलीभीत (उ.प्र.) स्थित एक फार्म से Hardeep Singh Randhawa को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी पिछले 3 वर्षों से उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा वांछित था।
आरोपी Hardeep Singh Randhawa का आपराधिक इतिहास
आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, Arms Act सहित कुल 04 पूर्व आपराधिक मामले शामिल हैं।
कानून से बचने के लिए उसने
- पंजाब और उत्तर प्रदेश में
- कम से कम 07 अलग-अलग पते / ठिकाने
बनाकर रखे थे।
फरार आरोपी Satendra Pal Singh की गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार दबिश दी जा रही है।










