mobile number verification: जानिए सरकार के mnv प्लेटफार्म के लाभ

mobile number verification
👁️ 510 Views

सरकार ने mobile number verification यानि mnv आरंभ किया है। यह भारत की मोबाइल नंबर सत्यापन ( mobile number verification MNV) पहल डिजिटल पहचान की जड़ में विश्वास को पुनः स्थापित करने की एक साहसिक पहल है।
संचार मंत्रालय (DoT) द्वारा प्रस्तावित MNV प्लेटफ़ॉर्म और “TIUE” (ई-केवाईसी आधारित विश्वसनीय पहचान उपयोगकर्ता संस्था) की परिकल्पना के साथ, हम मोबाइल नंबरों के सत्यापन और सुरक्षा के तरीके में एक संरचनात्मक परिवर्तन की शुरुआत देख रहे हैं।

mobile number verification की जरुरत क्यों

प्रवर्तन एजेंसियों को सशक्त बनाकर, श्रेणीबद्ध एक्सेस (tiered access) लागू करके और मोबाइल से जुड़े पहचान के दुरुपयोग को लक्षित कर, यह पहल एक सुरक्षित और धोखाधड़ी-रोधी डिजिटल इकोसिस्टम की नींव रखती है।
सत्यापन अब सिर्फ बैकएंड की औपचारिकता नहीं, बल्कि फ्रंटलाइन डिफेंस है। प्रस्तावित मसौदा नियम (24 जून 2025) एक केंद्रीकृत MNV प्लेटफ़ॉर्म स्थापित करता है, जिसमें बैंक, फिनटेक और ऐप्स, जिन्हें अब TIUEs कहा जाएगा को प्रत्येक मोबाइल नंबर को ग्राहक पंजीकरण और लेन-देन प्रक्रिया से पहले सत्यापित करना आवश्यक होगा।
श्रेणीबद्ध शुल्क संरचना (सरकारी संस्थाओं के लिए ₹1.50 और अन्य के लिए ₹3 प्रति अनुरोध) प्रोत्साहन को संतुलित करती है।
विस्तारित शक्तियाँ कानून प्रवर्तन को संदिग्ध नंबरों को 90 दिनों तक निलंबित करने और गैर-टेलीकॉम लेनदेन लॉग तक पहुँच प्रदान करती हैं ।
आप भी इस नियम निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं:
ड्राफ्ट MNV नियमों पर अपने सुझाव भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) को भेजें। आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना में आमतौर पर “सार्वजनिक टिप्पणियाँ” (Public Comments) या “हितधारक प्रतिक्रिया” (Stakeholder Feedback) अनुभाग होता है, जहाँ सुझाव भेजने के लिए ईमेल और डाक पते का उल्लेख रहता है।
ऐसे आगे बढ़ें: DoT का आधिकारिक सर्कुलर पृष्ठ देखें: “Draft Telecom Cyber Security Amendment Rules, 2025” PDF अधिसूचना में सुझाव भेजने के लिए ईमेल और डाक पता खोजें। समय सीमा से पहले भेजें और एक मज़बूत साइबर सुरक्षा नीति का निर्माण करने में भाग लें।

यह भी पढ़ेंः

    Latest Posts

    Breaking News
    दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | मुठभेड़ के बाद क्या हुआ खुलासा, दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े कौन से गैंग के शूटर | दिल्ली से कोलकाता तक आतंकी नेटवर्क, स्पेशल सेल ने कैसे बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया | चीन के साइबर धोखेबाज़ भारत में कैसे चला रहे हैं वर्चुअल SIM बॉक्स, गुरुग्राम केस ने खोली पोल | Agniveer भर्ती 2026: उम्र सीमा बढ़ी, क्या मिलेगा स्थायी मौका? जानिए नया नियम और पूरा प्रोसेस | क्या आपको मालूम है यूपीआई के ये नियम, अप्रैल से बदल जाएगा सब कुछ | विकसित बिहार का निश्चयः हर जिले में पांच स्टार्ट अप जानिए किसने बनाई यह योजना | गलत जानकारी समाज के लिए खतरा क्यों बन गई है? अश्विनी वैष्णव का AI Summit में बड़ा अलर्ट | फ्रॉड से बचना है तो SMS से दूर हो जाएं अपना लें ये दो चीजें | दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा ड्रग तस्कर का परिवार हुए बड़े सनसनीखेज खुलासे | साइबर अपराध पर ऐसे भारी पड़ेंगे AI और Sim binding |
    24-02-2026