दिल्ली पुलिस की हेल्प लाइन और कांस्टेबल ने बचाई इस “दादी” की जान

👁️ 486 Views

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। जूही मिश्रा की दादी शायद ना बचती अगर उन्हें नई दिल्ली जिला पुलिस में तैनात कांस्टेबल अनिल की मदद नहीं मिलती, कोविड मदद के लिए शुरू हुई दिल्ली पुलिस हेल्प लाइन पर तैनात एएसआई गुरदेव लाल ने मदद ना की होती। जूही मिश्रा दिल्ली पुलिस को थैंकयू कहते नहीं थकतीं क्योंकि पुलिस की वजह से उनकी 72 वर्षीय दादी का दाखिला अस्पताल में हो सका था।

22 अप्रैल की सुबह मोतियाखान निवासी जूही मिश्रा की 72 वर्षीय दादी दुर्गावति को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। कोरोना लक्षण का संदेह होने पर जूही मिश्रा अपनी दादी को लेकर गंगा राम, जीवन माला, बीएलके और राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चक्कर काटती रहीं मगर वर्तमान हालात में किसी भी अस्पताल मे जूही की दादी को दाखिला नहीं मिला। अस्पतालो के चक्कर काटते काटते सुबह 9 से शाम को 6 बज गए मगर परिणाम नहीं निकला, इसी बीच उन्हें एलएनजेपी अस्पताल के बारे में बताया गया। मगर वहां जाने के दौरान उनकी दादी अपनी चेतना खोने लगी थीं। इसके बाद जूही से रहा नहीं गया उन्होंने दिल्ली पुलिस की हेल्प लाइन 011-23469900 पर फोन किया। फोन करते ही जूही को अनेपक्षित जवाब मिला। हेल्प लाइन पर कॉल लेने वाले एएसआई गुरदेव लाल ने जूही का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें लेडि हार्डिॆंग मेडिकल कालेज भेजा। उन्हें वहां डयूटी पर तैनात कांस्टेबल अनिल से संपर्क करने के लिए कहा गया था। जूही अस्पताल पहुंचीं उन्होंने कांस्टेबल अनिल से संपर्क किया। कांस्टेबल अनिल कुमार की मदद से जूही की दादी दुर्गावती का दाखिला इमरजेंसी वार्ड में हो गया। उन्हें तत्काल आक्सीजन आदि की मेडिकल मदद भी मिल गई। दुर्गावती की हालत अब स्थिर है और जूही दिल्ली पुलिस को शुक्रिया कर रही हैं।

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | जान लीजिए मैसेजिंग ऐप्प पर ढील से कैसे बढ़ रहा है साइबर क्राइम | बिहार के गया में लगता है मौत के बाद मुक्ति का मेला, क्यों खास है यह पौराणिक परंपरा | जानिए क्या है ‘सबके लिए आवास’ मिशन, शहरी गरीबों को कैसे मिलता है पक्का घर | बिहार का वह शहर जिसे राम की कर्मभूमि कहा जाता है, जहां ताड़का से जुड़ी है एक रहस्यमयी कथा | operation octopus: हैदराबाद पुलिस ने 127 करोड़ के साइबर ठगी का नेटवर्क कैसे तोड़ा | UIDAI AI Invisible Shield: आपके आधार की पहचान अब पहले से ज्यादा सुरक्षित कैसे हुई | दिल्ली पुलिस ने एआई समिट के दौरान हुए प्रदर्शन पर तोड़ी खामोशी, बोली पूर्व नियोजित था प्रदर्शन | मुठभेड़ के बाद क्या हुआ खुलासा, दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े कौन से गैंग के शूटर | दिल्ली से कोलकाता तक आतंकी नेटवर्क, स्पेशल सेल ने कैसे बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया | चीन के साइबर धोखेबाज़ भारत में कैसे चला रहे हैं वर्चुअल SIM बॉक्स, गुरुग्राम केस ने खोली पोल |
26-02-2026