अगर आपका बैंक खाता फ्रीज, होल्ड या लीन मार्क हो गया है तो घबराने या लंबी भागदौड़ की जरूरत अब नहीं है। गृह मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया NCRP का Grievance Reporting Module (GRM) इस समस्या का डिजिटल समाधान लेकर आया है।
यह नया सिस्टम शिकायत प्रक्रिया को पारदर्शी, ट्रैक करने योग्य और समयबद्ध बनाता है।
GRM पोर्टल क्या है और क्यों जरूरी है
GRM (Grievance Reporting Module) http://ncrp-grievanceredressal.mha.gov.in/ एक ऑनलाइन सिस्टम है जिसके जरिए बैंक खाते के फ्रीज़/होल्ड मामलों की शिकायत दर्ज होती है, पुलिस-बैंक के बीच समन्वय होता है और आम आदमी को हर स्टेज पर अपडेट मिलता है।
स्टेप बाइ स्टेप गाइड
1. समस्या पहचानें
सबसे पहले यह सुनिश्चित करें:
- खाता फ्रीज़ है या लीन मार्क
- UPI या नेट बैंकिंग बंद है
2. बैंक शाखा जाएँ
- संबंधित शाखा में आवेदन दें
- KYC, आधार, शिकायत प्रमाण जमा करें
बैंक करेगा GRM में एंट्री
- बैंक अधिकारी पोर्टल पर केस दर्ज करेगा
- आपकी शिकायत को एक Grievance ID मिलेगी
- केस पुलिस के पास भेजा जाएगा
शिकायत ट्रैक करें
आपकी शिकायत इन चरणों से गुजरेगी:
IO → जिला GRO → राज्य GRO
हर स्तर पर आपको अपडेट मिलेगा।
रिजेक्ट होने पर क्या करें
- 10–15 दिन में Review मांग सकते हैं
- मामला दोबारा जांच में जाएगा
- अंतिम विकल्प: कोर्ट
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पुलिस जांच कैसे होती है?
🔍 IO क्या करता है
- बैंक दस्तावेजों की जांच
- वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पूछताछ
⚖️ निर्णय के विकल्प
- खाता अनफ्रीज़
- लीन जारी रखना
- शिकायत खारिज करना
- अतिरिक्त जानकारी मांगना
पूरी प्रक्रिया की टाइमलाइन
- बैंक से IO: 7 दिन
- IO जांच: 15 दिन
- जिला समीक्षा: 15 दिन
- राज्य समीक्षा: 15 दिन
- आदेश लागू: 48 घंटे
सबसे महत्वपूर्ण बातें (Quick Summary)
- शिकायत सीधे पोर्टल पर नहीं, बैंक के माध्यम से शुरू होती है
- पुलिस जांच के बाद निर्णय लेती है
- 3-लेवल समीक्षा सिस्टम मौजूद है
- पूरा सिस्टम समयबद्ध है







