जंगल में आग को लेकर सरकार गंभीर, हाई लेबल मीटिंग में इन उपायों पर बल

जंगल में आग

जंगल में आग के मामले को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है। इस मुद्दे पर देहरादून में स्थित भारतीय वन सर्वेक्षण में हाई लेबल की मीटिंग की गई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्री भूपेन्द्र यादव ने की। इस बैठक में देश भर के जंगल में लगने वाली आग के कारणों और उससे बचने के उपायों पर चर्चा की गई। इसके अलावा बैठक में मौजूदा स्थिति की समीक्षा भी की गई।

जंगल में आग को लेकर इन उपायों पर चर्चा

देहरादून में आयोजित बैठक में केंद्रीय मंत्री ने जनभागीदारी के माध्यम से इस पर नियंत्रण पाने के लिए ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया। उन्होंने देश में जंगलों की आग की चेतावनी प्रणाली की भी समीक्षा की।

बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि जिन क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष आग लगती है उसे प्राथमिकता देना चाहिए और राज्यों को उनसे निपटने के लिए उपयुक्त उपाय खोजना चाहिए।

अग्रिम चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने और जंगल में आग के मामले में अग्रिम पंक्ति में खड़े कर्मचारियों को सुरक्षात्मक उपकरण प्रदान करने पर भी विचार विमर्श किया गया।

बैठक में वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, उत्तराखंड औऱ राजय वन विभाग के अन्य़ अधिकारी भी शामिल हुए। इसके अलावा इस दौरान भारतीय वन सर्वेक्षण के महानिदेशक, भारतीय वानिकी अनुसंधान एंव शिक्षा परिषद के महानिदेशक, वन अनुसंधान संस्थान के निदेशक और इन संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।

गौरतलब है कि जंगल की आग को अनियंत्रित आग माना जाता है। इससे अक्सर जंगलों, घास के मौदानों, ब्रशलैंड और टुंडा प्रदेश के पेड़-पौधों की व्यापक तबाही के रूप में देखा जाता है। यह आग तीन प्रकार की होती है-सतह की आग, जमीन की आग और ऊपरी हिस्से की आग। सतह की आग को काबू करना सबसे आसान होता है। इससे नुकसान भी कम होता है।

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02-10-2026