सीएनजी ट्रैक्टर होगा लांच जानिए किसानो को क्या होगा फायदा

आलोक वर्मा

नई दिल्ली। भारत में पहली बार डीजल ट्रैक्टर को सीएनजी में परिवर्तित किया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा इसे 11 फरवरी को औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। रावमट टेक्नो सॉल्यूशंस और टॉमासेटो अचीले इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से किए गए इस रूपांतरण से किसानों को उत्पादन लागत कम करने तथा ग्रामीण भारत में रोजगार के ज़्यादा से ज़्यादा अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, नरेंद्र सिंह तोमर, पुरुषोत्तम रूपाला और जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. सिंह भी उद्घाटन समारोह में मौजूद रहेंगे। इस प्रकार से किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण लाभ ईंधन की लागत पर सालाना एक लाख रुपये से अधिक की बचत करना सुलभ होगा। इसके अतिरिक्त उन्हें अपनी आजीविका में सुधार करने में भी मदद मिलेगी।

इस लांचिंग से पेट्रोल-डीज़ल की लगातार बढ़ती कीमतों से किसानों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। स्कूटर,कार और बस के बाद अब सीएनजी फिटेड ट्रैक्टर भी सड़कों और खेतों में चलते दिखेंगे।

ट्रैक्टर का सीएनजी कन्वर्जन से होंगे ये फायदे

रावमेट टेक्नो सोल्यूशन्स और टोमेसेटो अचीले इंडिया(Rawmatt Techno Solutions and Tomasetto Achille India) द्वारा ट्रैक्टर का सीएनजी कन्वर्जन किए जाने से किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। उम्मीद की जा रही है कि सीएनजी ट्रैक्टर के आने से किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। जैसा कि सभी जानते है कि सीएनजी एक स्वच्छ ईंधन हैं,जिससे कार्बन और अन्य दूसरे प्रदूषित कण बहुत कम उत्सर्जित होते है। नए तकनीक से कन्वर्ज किए गए सीएनजी इंजन का लाइफ पारंपरिक ट्रैक्टरों से अधिक होगी। डीजल की तुलना में सीएनजी ट्रैक्टरों की माइलेज काफी अधिक होगी। यहीं नहीं पेट्रोल-डीजल की कीमते प्रतिदिन ऊपर-नीचे होती है जबकि तुलनात्मक रुप से सीएनजी के दामों में उतार चढ़ाव काफी कम होता है। पेट्रोल या डीजल की तुलना में सीएनजी काफी सस्ती होती है। सीएनजी टैंक टाइट से सील होने की वजह से रिफ्यूलिंग के वक्त विस्फोट की गुंजाइश काफी कम हो जाती है। वेस्ट टू वेल्थ यानि कचरा से मूल्यवान चीजों को बनाने का विकल्प को और बल मिलता है। पराली का इस्तेमाल बायो सीएनजी बनाने में किया जा सकता है। जिससे किसान अपनी आमदनी तो बढ़ा ही सकता है साथ ही पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को भी कम करने में मदद मिलेगी।

सीएनजी ट्रैक्टरों से ये फायदे भी होंगे

कुछ अध्ययन रिपोर्ट की माने तो डीजल से चलने वाली ट्रैक्टरों की तुलना में सीएनजी ट्रैक्टरों को अधिक पावर मिलती है। डीजल की तुलना में सीएनजी से 70 फीसदी कम उत्सर्जन होता है। सीएनजी ट्रैक्टरों के इस्तेमाल करने पर किसानों का ईंधन लागत 50 फीसदी तक कम करने में मदद मिलेगी। अगर दिल्ली की बात करे तो राष्ट्रीय राजधानी में डीजल की कीमत 78.03 रुपये प्रति लीटर है जबकि सीएनजी 42.70 रुपये प्रति किलो।

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Alok Verma
a senior journalist with a 30 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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07-10-2026