₹20 करोड़ का साइबर खेल: कैसे सिम बॉक्स और SIP कॉलिंग भारत को ठग रहे हैं?

SIP कॉलिंग और सिम बॉक्स अब सिर्फ तकनीकी शब्द नहीं रहे। ये भारत में डिजिटल गिरफ्तारी, फर्जी CBI कॉल और करोड़ों की ठगी के सबसे खतरनाक हथियार बन चुके हैं। आंध्र प्रदेश CID की हालिया कार्रवाई ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दी हैं।
Cyber Crime

आंध्र प्रदेश CID की हालिया कार्रवाई ने देशभर में चल रहे एक बेहद संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क (cyber crime network) को उजागर कर दिया है। इस ऑपरेशन में 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल है। छह राज्यों में एक साथ छापेमारी के दौरान 14 सिम बॉक्स, 1,496 सिम कार्ड, राउटर, CCTV कैमरे और मोबाइल फोन जब्त किए गए।

जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क से आम नागरिकों को अब तक करीब ₹20 करोड़ का नुकसान हो चुका है।

cyber crime में इस्तेमाल हो रहा SIP कॉलिंग क्या है और यह खतरनाक कैसे बनती है?

SIP यानी Session Initiation Protocol इंटरनेट के जरिए वॉइस और वीडियो कॉल को संभव बनाता है। आम तौर पर यह कॉरपोरेट कॉल सेंटर्स और क्लाउड PBX में इस्तेमाल होता है।

लेकिन यही तकनीक जब सिम बॉक्स के साथ मिलती है, तो अपराधियों को एक ऐसा हथियार मिल जाता है जिससे

  • विदेशी कॉल भारत के लोकल नंबर जैसी दिखती हैं
  • कॉलर आईडी पूरी तरह नकली होती है
  • टेलीकॉम गेटवे बायपास हो जाते हैं

यही वजह है कि लोगों को “दिल्ली पुलिस”, “CBI”, “TRAI” या “बैंक अधिकारी” बनकर कॉल आती है और वे डर के मारे पैसा भेज देते हैं।

दिसंबर 2025 के बड़े सिम बॉक्स मामले

1. आंध्र प्रदेश CID ऑपरेशन
विदेश से रिमोट ऑपरेट हो रहा नेटवर्क, सिम बॉक्स के जरिए SIP कॉलिंग। ₹20 करोड़ से ज्यादा की ठगी।

2. बेंगलुरु सिम बॉक्स रैकेट
अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज पकड़े गए, जो इंटरनेशनल कॉल को लोकल में बदल रहे थे।

3. दिल्ली CBI FIR
20,000 से ज्यादा सिम अवैध तरीके से खरीदे गए। इन्हें “डिजिटल गिरफ्तारी” स्कैम में इस्तेमाल किया गया, जहां पीड़ितों को नकली कानून प्रवर्तन कॉल से डराया गया।

अपराधी SIP और सिम बॉक्स क्यों पसंद करते हैं?

  • विदेशी कॉल लोकल दिखती है, शक नहीं होता
  • पूरा ऑपरेशन कंबोडिया, थाईलैंड, कनाडा जैसे देशों से
  • क्लाउड PBX से हजारों SIP लाइन मिनटों में एक्टिव
  • लेयर्ड रूटिंग से असली लोकेशन लगभग गायब

SIP तकनीक: सुविधा भी, खतरा भी

SIP अपने आप में गैरकानूनी नहीं है।
लेकिन

  • लोकेशन फ्री होना
  • स्केलेबल नेटवर्क
  • कस्टम रूटिंग

इसे साइबर अपराधियों के लिए आदर्श बना देता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा असर

  • टेलीकॉम कंपनियों को भारी राजस्व नुकसान
  • नागरिकों को डिजिटल गिरफ्तारी और फर्जी कॉल का खतरा
  • पुलिस के लिए SIP रूट्स ट्रैक करना चुनौती
  • जासूसी और संगठित साइबर गैंग्स का विस्तार

क्या किया जा रहा है?

  • DoT: स्पूफ किए गए इंटरनेशनल कॉल ब्लॉक
  • पुलिस और CBI: अवैध एक्सचेंज पर कार्रवाई
  • टेलीकॉम कंपनियां: KYC और ट्रैफिक मॉनिटरिंग सख्त
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग: विदेशों में SIP सर्वर ट्रैक करने की कोशिश

नागरिकों के लिए बेहद जरूरी सलाह

  • लोकल दिखने वाले अनजान नंबरों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें
  • CBI, पुलिस, TRAI या बैंक फोन पर पैसे नहीं मांगते
  • ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें
  • http://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
  • संचार साथी – चक्षु पोर्टल का इस्तेमाल करें https://sancharsaathi.gov.in/
  • अगर आपके आसपास संदिग्ध सिम बॉक्स या असामान्य इंस्टॉलेशन दिखे, तुरंत पुलिस को सूचित करें

मुख्य संदेश

सिम बॉक्स साधारण मशीन नहीं हैं। ये आज के समय में साइबर अपराध के सबसे खतरनाक हथियार बन चुके हैं।
जागरूकता ही सबसे मजबूत सुरक्षा है। अपने परिवार और सहकर्मियों तक यह जानकारी जरूर पहुंचाएं।

Picture of inspector raman kumar
inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

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16-07-2026