दिल्ली में पकड़ा गया लोगों के बैंक खातों को साफ करने वाला साइबर ठगों का गिरोह

 नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। दिल्ली की दरियागंज पुलिस ने लोगों के बैंक खाते से रकम उड़ाने वाले साइबर ठगों के एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग में शामिल एक युवती सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग लोगों को बैंककर्मी बनकर फोन करता था और किसी बहाने उनका डिटेल्स लेकर उनके खाते से रकम उड़ा लेता था। यह गिरोह पिछले दो साल में हजारों लोगों को अपना शिकार बना चुका है।

मध्य दिल्ली पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया के मुताबिक गिरफ्तार जालसाजों की पहचान पवन सिंह, मोहम्मद जाहिद, कमल गोयल, बंटी कुमार औऱ राधा के रूप में हुई है। अंसारी रोड निवासी डा. विपिन भटनागर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें मोबीक्विक पर अपने क्रेडिट कार्ड से खर्च किए जाने का मैसेज मिला। इसके बाद उन्होंने क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक कर दिया। लेकिन इलके बाद भी पेटीएम औऱ मोबीक्विक पर उनके क्रेडिट कार्ड से मोटी रकम का ट्रांजक्शन होने का संदेश मिला।

यह भी पढ़ें-दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा बिरयानी का ढाबा चलाने वाला कुख्यात गैंग का शार्प शूटर , वीडियो भी देखें https://indiavistar.com/gangster-was-running-dhaba/

डीसीपी संजय भाटिया के मुताबिक इस मामले को सुलझाने के लिए दरिया गंज एसीपी वीर सिंह की देखरेख  में दरियागंज एस एच ओ राकेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में एसआई सोनल राज, रविन्द्र कुमार, सुमित, पीएसआई विनीत पुनिया, हवलदार विनोद कुमार, राजेन्द्र, कांस्टेबल संजीव, दीपक गिरी और इंद्रजीत की टीम बनाई गई। जांच के दौरान पता लगा कि शिकायतकर्ता के पास दो तीन बार स्टेट बैंककर्मियों का फोन आया था। फोन करने वालों ने कैशबैक मिलने का लालच देकर उनसे ओटीपी आदि भी मांगा था। इसके बाद से ही उसके क्रेडिट कार्ड से ट्रांजक्शन होने के संदेश मिलने लगे थे। इस सूचना के बाद कड़ी जांच पड़ताल में हवलदार विनोद को इस गिरोह के बारे में सुराग मिला। इसी सुराग पर पुलिस ने कई जगह छापेमारी करने के बाद उपरोक्त पांचो को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में पता लगा कि गिरोह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एक्सिस बैंक से क्रेडिट कार्ड लेकर यह लोग फर्जी आईडी से सिम ले लेते थे। इसी फर्जी सिम पर मोबाइल वैलेट सक्रिय किया जाता था।   दो बदमाश लोगों को फोन कर खुद को बैंककर्मी बताकर ओटीपी आदि लेते थे।  एक बार डिटेल्स लेने के बाद क्रेडिट कार्ड से मोबाइल वैलेट में पैसा भेज दिया जाता था। बाद में रकम किसी और खाते में भेज दिया जाता था।

गिरोह का सरगना पवन सिंह था। वह बीटेक 2सेमेस्टर तक पढ़ा है। राधा कई काल सेंटर में काम कर चुकी है।

 

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | ऑल इंडिया पुलिस जूडो चैंपियनशिप 2026: SSB ने जीती चैंपियन ट्रॉफी, जानिए मेडल टैली और सभी विजेताओं की पूरी जानकारी | CISF ने महिला जूडो में जीती रनर्स-अप ट्रॉफी, ऑल इंडिया पुलिस जूडो क्लस्टर चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन | वाइब हैकिंग क्या है? सोशल मीडिया पर आपकी सोच को प्रभावित करने वाला नया डिजिटल खतरा, जानिए भारत के कानून क्या कहते हैं | डायबिटीज में कौन सी दाल खानी चाहिए? क्या दाल खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है, जानिए विशेषज्ञ क्या कहते हैं | साइबर अपराध में जमानत मिलती है या नहीं? जानिए आईटी एक्ट क्या कहता है और सुप्रीम कोर्ट ने क्या स्पष्ट किया | क्या बच्चों के लिए सोशल मीडिया सुरक्षित है? फ्रांस के नए कानून से समझिए क्यों बढ़ रही है डिजिटल सुरक्षा की चिंता | CISF की खिलाड़ी निधि ने 10वीं एशियाई पेंचक सिलाट चैंपियनशिप में जीता रजत पदक, भारत का बढ़ाया गौरव | आपकी कार का डेटा चोरी हो रहा है? स्मार्ट इलेक्ट्रिक वाहन का सच जानिए | Dhanushkodi Ghost Village: भारत की आखिरी सड़क पर बसा ‘भूतिया गांव’, शाम ढलते ही क्यों लग जाता है कर्फ्यू? | क्रिप्टो Conduits और USDT मनी लॉन्ड्रिंग: साइबर ठग कैसे छिपाते हैं धोखाधड़ी की रकम, जानिए बचाव और कार्रवाई का पूरा मॉडल |
25-07-2026