खेल का महत्व कितना बढ़ गया है इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि CISF जैसे बल में इस बार बड़ी संख्या में स्पोर्ट्स भर्ती हुई है। राजस्थान के Deoli स्थित CISF Recruitment Training Centre में आयोजित Passing Out Parade ने यह स्पष्ट कर दिया कि CISF अब केवल सुरक्षा बल नहीं, बल्कि संगठित खेल उत्कृष्टता का भी राष्ट्रीय मंच बनता जा रहा है। 324 प्रशिक्षित खिलाड़ी औपचारिक रूप से CISF का हिस्सा बने, जो Force की अब तक की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स कोटा भर्ती का परिणाम है।
CISF की अब तक की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स भर्ती: 324 खिलाड़ी हेड कांस्टेबल बने, Deoli में ऐतिहासिक Passing Out Parade
7वें बैच में कुल 324 स्पोर्ट्सपर्सन शामिल हुए, जिनमें 171 महिलाएं हैं। यह आंकड़ा CISF की महिला सशक्तिकरण और जेंडर पैरिटी के प्रति ठोस प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह भर्ती 2025 में आयोजित Force की अब तक की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स रिक्रूटमेंट ड्राइव का परिणाम है।

अनुशासन और समर्पण की मिसाल बनी Dikshant Parade
Dikshant Parade का नेतृत्व Parade Commander HC/GD Vanshika Shekhawat ने किया, जबकि Parade 2-I/C की भूमिका HC/GD Vidhi ने निभाई। प्रशिक्षुओं ने बैंड की धुन पर पूर्ण समन्वय के साथ मार्च कर उच्च स्तर का ड्रिल, अनुशासन और पेशेवर प्रशिक्षण प्रदर्शित किया।
16 सप्ताह का कठोर प्रशिक्षण: खिलाड़ी से सुरक्षा योद्धा तक
RTC Deoli में इन नव-प्रशिक्षुओं ने 16 सप्ताह का गहन प्रशिक्षण पूरा किया, जिसमें
- शारीरिक प्रशिक्षण और ड्रिल
- हथियार संचालन और अनआर्म्ड कॉम्बैट
- औद्योगिक सुरक्षा
- कानून, मानवाधिकार और जेंडर सेंसिटाइजेशन
- सॉफ्ट स्किल्स और नेतृत्व विकास
शामिल रहा। यह प्रशिक्षण उन्हें खेल के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा की भूमिका के लिए भी सक्षम बनाता है।
“Keep Playing” का संदेश और भारत के खेल भविष्य की झलक
पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने प्रशिक्षुओं से खेल से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने भारत की 2036 ओलंपिक और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की आकांक्षा का उल्लेख करते हुए खेल और सुरक्षा के बीच अनुशासन, संकल्प और सहनशीलता की साझा भावना को रेखांकित किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री के Viksit Bharat @2047 विजन के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में संतुलित सेवा का संदेश दिया।

DG CISF: खेल नीति से बनेगा उत्कृष्टता का केंद्र
इस अवसर पर बोलते हुए, CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि बल खेलों को प्रोत्साहित करने और खेल प्रतिभा को निखारने के लिए व्यापक उपाय कर रहा है। उन्होंने बताया कि 2025 का रिक्रूटमेंट ड्राइव 1969 में CISF की स्थापना के बाद से किया गया सबसे बड़ा स्पोर्ट्स इंडक्शन था, और कहा कि इस बैच में 18 इंटरनेशनल लेवल के गोल्ड मेडलिस्ट और 56 नेशनल लेवल के गोल्ड मेडलिस्ट शामिल हैं। इस इंडक्शन से CISF की महिला स्पोर्ट्स टीमों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे फोर्स का स्पोर्ट्स इकोसिस्टम मज़बूत हुआ है।
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डायरेक्टर जनरल ने आगे दोहराया कि CISF की नई स्पोर्ट्स पॉलिसी, बेहतर वेलफेयर उपाय, स्पेशलाइज्ड कोचिंग और इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट का मकसद CISF को सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज के बीच स्पोर्ट्स में बेहतरीन सेंटर बनाना है, साथ ही देश को मज़बूत सुरक्षा देना भी जारी रखना है।








