जॉब रैकेट चलाने के लिए खोल लिया था कॉल सेंटर, पुलिस ने किया खुलासा तो सन्न रह गए लोग

जॉब रैकेट
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जॉब रैकेट चलाने के लिए एक गैंग ने नोएडा के अच्छे से बिजनेस टॉवर में कॉल सेंटर खोल रखा था। यह गैंग शिप (जहाज) पर विभिन्न पदो पर नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार लोगों से रकम ऐंठ रहा था। लोगों को जाल में फंसाने के लिए गैंग फर्जी वेबसाइट बनाकर, फेसबुक व इंस्टाग्राम पर एड डालता था। आम लोगों को लुभाकर फर्जी ऑफर लेटर बनाकर दे देना व मेडीकल कराने व एसटीसीडब्लू, एसआईडी, सीडीसी कार्ड आदि बनवाने के नाम पर पैसा हडपकर उनके साथ धोखाधडी करने वाले इस कॉल सेन्टर का पर्दाफाश करते हुये कॉल सेन्टर संचालक व एक महिला अभियुक्ता सहित 05 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए हैं। कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रानिक्स उपकरण व फर्जी दस्तावेज बरामद हुआ है।

जॉब रैकेट का इस तरह हुआ खुलासा

नोएडा के सेक्टर 58 थाने में शिकायत दर्ज हुई थी। इसमें बताया गया था कि नौकरी की तलाश फेसबुक पर यथार्थ ग्रुप कन्सट्रक्शन एवं फैक्ल्टी मैनेजमेंट नाम से एक एड देखा गया जिसमें दिये गये नम्बर पर व्हास्टएप पर काल करने पर बताया गया कि कम्पनी शिप (क्रूज) पर विभिन्न पदो पर नौकरी दिलाने का काम करती है। शिकायतकर्ता ने आकाश से बात कि जिसने बताया कि उनका ऑफिस आईथम टावर सै0 62 नोएडा में है।

कम्पनी का मालिक अंकित नाम के शख्स को बताया गया। उनहोंने अपनी वेबसाइट भी बताई। शिकायतकर्ता का ऑन लाईन इन्टरव्यू 31 मई 2024 को गूगल मीट पर कराया गया और कहा गया कि सलेक्शन मुम्बई टू गोवा शिप के लिए हो गया है। उससे नोएडा मेडिकल के लिए आने के लिए कहा गया और बताया गया कि इसमें 11 हजार रुपये लगेगे। इस पर शिकायतकर्ता ने 11 हजार रुपये आन लाईन गुगल पे पर अंकित सिंह को भेज दिय।

10 जून 2024 को उपरोक्त 11,000 रुपये भेजे गये थे उसके बाद आकाश के द्वारा मोबाइल नम्बर पर पेमेन्ट स्लिप भेज दी। उसके कुछ दिन बाद यथार्थ ग्रूप की तरफ से ईमेल पर मेल आया कि 38600 रु0 और देने है। इन पैसे से STCW, CDC, SID,VISA का प्रोग्रेस करवाने की बात कही गई। 38600 रु कोडेक महिन्द्रा बैंक के खाते में 4 जुलाई 2024 पर भेज दिये गए। फिर कम्पनी का मेल आया कि आपको मुम्बई टू गोवा शिप कस्टूमर सर्विस पर दिनांक 20 मार्च 2024 को ज्वाईन करना है।

यथार्थ ग्रुप कन्सट्रक्शन एवं फैक्ल्टी मैनेजमेंट कम्पनी के द्वारा फर्जी ऑफर लेटर व मेडीकल तैयार कर उसे मेल पर भेजा गया। पूछताछ पर ज्ञात हुआ कि इन कॉल सेन्टर के मलिक अंकित के द्वारा यह आफिस मार्च में 35,000/- रूपये महीना के किराये पर लिया गया था, जिसका 15000 मेन्टेनेन्स था तथा अंकित द्वारा ही यह फर्जी कम्पनी बनायी गयी थी। वह फेसबुक व इंस्टाग्राम पर शिप व अन्य जगहो पर सिविल , कंट्रक्शन, हाउसकीपिंग, सिक्योरिटी गार्ड, गन मैन, मैकेनिक , इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, सुरपरवाईजर, हाउस कीपिंग स्टाफ आदि पदो पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगो को व्हास्टएप विडियो काल के माध्यम से मीटिंग व इंटरव्यू पर उनको फर्जी आफर लेटर देता था।

इसके बदले गैंग उनसे पैसे हडप लेता था तथा उसको नौकरी दिलाने के बहाने बनाकर टाईम को आगे बढाते रहते थे। यह लोग दूर दराज के बेरोजगार लोगो को निशाना बनाते थे। इनके अभी तक दो कोटक महिन्द्रा बैंक में दो खाते मिले है जिनकी जांच की जा रही है। जांच के बाद अंकित, अरीबा, यावेन्द्र, दुर्गेश और बादल को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 08 कम्प्यूटर सीपीयू, 01 लैपटाप, 05 मोबाइल, 11 मोहरे, यथार्थ ग्रुप के नाम के 02 सिम कार्ड, 01 एसआईडी कार्ड, (बादल के नाम के ) 01 सीडीसी, (बादल के नाम के )
01 पासपोर्ट (बादल के नाम के ) 08 दस्तावेज आफर लेटर बरामद किए गए हैं।

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02-02-2026