अमरूद है एक बेहतरीन औषधि, इन रोगों में करता है दवा का काम

डा. ए के अरूण, एमडी(होम्योपैथी)

अमरूद एक बेहतरीन स्वादिष्ट फल है। यह कई गुणों से भरपूर है। इसमें प्रोटीन 10.5 प्रतिशत, वसा 0. 2 कैल्शियम 1.01 प्रतिशत बी पाया जाता है। अमरूद का फलों में तीसरा स्थान है। पहले दो नम्बर पर आंवला और चेरी हैं। इन फलों का उपयोग ताजे फलों की तरह नहीं किया जाता, इसलिए यह विटामिन सी पूर्ति के लिए सर्वोत्तम है।
विटामिन सी छिलके में और उसके ठीक नीचे होता है तथा भीतरी भाग में यह मात्रा घटती जाती है। फल के पकने के साथ-साथ यह मात्रा बढती जाती है। इसमें प्रमुख सिट्रिक अम्ल है 6 से 12 प्रतिशत भाग में बीज होते है। इसमें नारंगी, पीला सुगंधित तेल प्राप्त होता है। अमरूद स्वादिष्ट फल होने के साथ-साथ अनेक गुणों से भरा से होता है।

गला खराब होने में 
यदि कभी आपका गला ज्यादा ख़राब हो गया हो तो अमरुद के तीन -चार ताज़े पत्ते लें ,उन्हें साफ़ धो लें तथा उनके छोटे-छोटे टुकड़े तोड़ लें | एक गिलास पानी लेकर उसमे इन पत्तों को डाल कर उबाल लें , थोड़ा पकाने के बाद आंच बंद कर दें | थोड़ी देर इस पानी को ठंडा होने दें ,जब गरारे करने लायक ठंडा हो जाये तो इसे छानकर ,इसमें नमक मिलाकर गरारे करें , याद रखें कि इसमें ठंडा पानी नहीं मिलना है |

सौंदर्य वृद्धि में 
अमरूद के ताजे पत्तों का रस 10 ग्राम तथा पिसी मिश्री 10 ग्राम मिलाकर 21 दिन प्रात: खाली पेट सेवन करने से भूख खुलकर लगती है और शरीर सौंदर्य में भी वृद्धि होती है।

शराब के नशे में 
अमरूद खाने या अमरूद के पत्तों का रस पिलाने से शराब का नशा कम हो जाता है।

सिरदर्द में

कच्चे अमरूद को पत्थर पर घिसकर उसका एक सप्ताह तक लेप करने से आधा सिर दर्द समाप्त हो जाता है। यह प्रयोग प्रात:काल करना चाहिए। गठिया के दर्द को सही करने के लिए अमरूद की 4-5 नई कोमल पत्तियों को पीसकर उसमें थोड़ा सा काला नमक मिलाकर रोजाना खाने से से जोड़ो के दर्द में काफी राहत मिलती है।

डायबिटीज में 
डायबिटीज के रोगी के लिए एक पके हुये अमरूद को आग में डालकर उसे भूनकर निकाल लें और भुने हुए अमरुद को छीलकर साफ़ करके उसे अच्छे से मैश करके उसका भरता बना लें, उसमें स्वादानुसार नमक, कालीमिर्च, जीरा मिलाकर खाएं, इससे डायबिटीज में काफी लाभ होता है। ताजे अमरूद के 100 ग्राम बीजरहित टुकड़े लेकर उसे ठंडे पानी में 4 घंटे भीगने दीजिए। इसके बाद अमरूद के टुकड़े निकालकर फेंक दें। इस पानी को मधुमेह के रोगी को पिलाने से लाभ होता है।

फोड़े फुंसियो में 
जब भी आप फोड़े और फुंसियों से परेशान हो तो अमरूद की 7-8 पत्तियों को लेकर थोड़े से पानी में उबालकर पीसकर पेस्ट बना लें और इस पेस्ट को फोड़े-फुंसियों पर लगाने से आराम मिल जाएगा। चार हफ्तों तक नियमित रूप से अमरूद खाने से भी पेट साफ रहता है व फुंसियों की समस्या से राहत मिलती है।

Support India Vistar

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | PM Kisan Verification 2026: यूपी के 15.35 लाख किसानों की किस्त क्यों रुकी? 30 सितंबर की तारीख का सच जानिए | IND vs AFG Asian Games 2026: एक गेंद भी नहीं फेंकी गई, फिर भारत सेमीफाइनल में कैसे पहुंचा? | WhatsApp Investment Scam से कैसे बचें: Fake Trading App और फर्जी निवेश वेबसाइट की पहचान | वरिष्ठ नागरिकों का Heart Health कैसे रखें बेहतर? लखनऊ में GSCC और Max Hospital ने शुरू की नई सुविधा | सोशल मीडिया का बच्चों पर असरः हिंसक reels को lika-share करना क्यों पड़ सकता है भारी | सपने में छिपकली दिख जाए तो क्या है इसका मतलब समझ लीजिए | Asian Games 2026: भारत की महिला कबड्डी टीम ने जीता Gold, CISF की ऋतु श्योराण ने फिर रचा इतिहास | फोन का Wi-Fi और Bluetooth कब बंद रखें? बाहर निकलते ही बदलें ये सेटिंग, वरना बढ़ सकता है प्राइवेसी का खतरा | CISF जवानों के तनाव और मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ा कदम, IHBAS से 3 साल का समझौता | CRPF Women Battalion: 1986 में बनी पहली महिला बटालियन, 40 साल में ऐसे बदली महिलाओं की भूमिका |
28-09-2026