एमसीडी की गाड़ी चला रहा था, खतरनाक गैंग का शार्पशूटर इस तरह पकड़ा गया

एमसाीडी

नंदू गैंग का यह शार्पशूटर दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा है। वह नजफगढ़ थाने का बीसी है। चौंकाने वाली बात ये है कि कई मामलों में लिप्त यह शूटर एमसीडी के हेल्थ विभाग में ड्राइवर का काम कर रहा था। डीसीपी सतीश कुमार के मुताबिक गिरफ्तार शूटर का नाम लोकेश उर्फ लीला है। वह पॉक्सो एक्ट के एक मामले में फरार घोषित था। उस पर एक नाबालिग लड़की को अगवा कर अपने घर में जबरन रखने और कई दिन तक रेप करने का आरोप है ।

एमसीडी का ड्राइवर बन गया था

उसे एसीपी रविंदर राजपूत की करीबी निगरानी में इंस्पेक्टर पवन सिंह के नेतृत्व में एसआई कुलदीप सिंह, एसआई अनुज छिकारा, एएसआई रविंदर, एचसी रविंदर, एचसी पवन हुड्डा, एचसी पवन यादव, एचसी सोहित, कांस्टेबल मनोज, कांस्टेबल अशोक और महीला सिपाही काजल की टीम ने आरके कढ़ी चावल वाला, धरमपुरा नजफगढ़, दिल्ली के सामने टुंडे चक्की वाली गली में एक जाल बिछा कर धर दबोचा।

लोकेश कुमार उर्फ लीला का जन्म 1994 में उसके पैतृक स्थान रोशन पुरा, नजफगढ़, दिल्ली में हुआ था। उसने 5वीं कक्षा तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल, नजफगढ़, दिल्ली से की थी। वह बुरे तत्वों के संपर्क में आया और नशे का आदी हो गया। उसने छोटे-मोटे अपराध करने शुरू कर दिए। वह नंदू गिरोह के सदस्य जोगिंदर उर्फ लीला निवासी मंढोठी, बहादुरगढ़, हरियाणा के संपर्क में आया और उसके लिए काम करना शुरू कर दिया।

वर्ष 2018 में, उसने अपने दोस्त जोगिंदर उर्फ लीला और अन्य साथियों के साथ मिलकर शिवा उर्फ सूरी पर फायरिंग की और भाग गया। इस घटना में, उनके खिलाफ थाना बिंदापुर, दिल्ली में मामला दर्ज किया गया था। उसके बाद, उसके खिलाफ एक और एफआईआर थाना नजफगढ़, दिल्ली भी दर्ज की गई। इसके बाद, उसने हरियाणा से दिल्ली में अवैध शराब की आपूर्ति शुरू कर दी और वर्तमान में वह एमसीडी के स्वास्थ्य विभाग में ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था।

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21-07-2026