E-Zero FIR System: साइबर अपराध पर सख्त हुए पीएम मोदी, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड रोकने के लिए ई-जीरो एफआईआर लागू करने पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए E-Zero FIR System लागू करने पर विशेष बल दिया। यह व्यवस्था शिकायत दर्ज करने से लेकर बैंक और पुलिस के बीच तत्काल समन्वय स्थापित करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइबर अपराध रोकने के लिए E-Zero FIR System पर जोर दिया

देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट जैसी ऑनलाइन धोखाधड़ी पर केंद्र सरकार अब और अधिक सख्त रुख अपनाने जा रही है। 24 जून 2026 को सेवा तीर्थ, नई दिल्ली में आयोजित 52वीं प्रगति (PRAGATI) बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइबर अपराध शिकायतों के त्वरित पंजीकरण के लिए E-Zero FIR System अपनाने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बीच तेज, समन्वित और जवाबदेह व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए ताकि ऑनलाइन ठगी के मामलों में शुरुआती घंटों के भीतर प्रभावी कार्रवाई हो सके।

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बैठक में प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट, इम्पर्सनेशन स्कैम और अन्य साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने के लिए अलग-अलग एजेंसियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। शिकायत दर्ज होने के साथ ही संबंधित एजेंसियों के बीच तत्काल सूचना साझा हो और पीड़ित को शीघ्र राहत मिले, यही व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए।

क्या है E-Zero FIR System?

E-Zero FIR System ऐसी व्यवस्था है जिसके माध्यम से साइबर अपराध की शिकायत बिना क्षेत्राधिकार की बाधा के तुरंत दर्ज की जा सकेगी। शिकायत दर्ज होते ही उसकी जानकारी संबंधित साइबर पुलिस इकाइयों, बैंकों और अन्य एजेंसियों तक डिजिटल माध्यम से पहुंच जाएगी, जिससे धोखाधड़ी से जुड़े लेनदेन को समय रहते रोका जा सके।

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साइबर अपराध में क्यों जरूरी है त्वरित कार्रवाई?

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार ऑनलाइन ठगी के बाद शुरुआती कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसी अवधि में अपराधी कई बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से धनराशि को तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर देते हैं। यदि शिकायत तत्काल दर्ज हो जाए और बैंक को तुरंत अलर्ट मिल जाए तो रकम फ्रीज करने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

प्रधानमंत्री ने इसी “गोल्डन ऑवर” का उल्लेख करते हुए समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया। उनका मानना है कि तकनीक आधारित समन्वित व्यवस्था से साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

किसी भी स्थान से दर्ज होगी शिकायत

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि पीड़ित को यह सोचकर समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा कि मामला किस पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है। कोई भी नागरिक किसी भी पुलिस स्टेशन से शिकायत दर्ज करा सकेगा और मामला स्वतः संबंधित एजेंसी तक पहुंच जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में रहने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

बैंक और पुलिस के बीच होगा रियल टाइम समन्वय

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकिंग संस्थानों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। शिकायत दर्ज होते ही संबंधित बैंक, पेमेंट गेटवे और साइबर जांच एजेंसियों को एक साथ सूचना मिलेगी ताकि संदिग्ध लेनदेन को तुरंत रोका जा सके।

साइबर अपराधियों की पहचान होगी आसान

E-Zero FIR System के माध्यम से दर्ज होने वाली शिकायतें एक केंद्रीकृत डेटाबेस से जुड़ेंगी। इससे बार-बार इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट, साइबर अपराध के हॉटस्पॉट और संगठित ठगी नेटवर्क की पहचान पहले की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। इस डेटा का उपयोग भविष्य में प्रेडिक्टिव पुलिसिंग और संगठित साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत बनाने में किया जाएगा।

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कानूनी प्रक्रिया भी होगी मजबूत

एफआईआर किसी भी आपराधिक मामले का सबसे महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज होती है। प्रारंभिक स्तर पर शिकायत दर्ज होने से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी, जिससे जांच और अदालत में अभियोजन की प्रक्रिया अधिक मजबूत बन सकेगी।

नागरिकों में बढ़ेगा भरोसा

सरकार का मानना है कि यदि शिकायत तुरंत दर्ज होगी और पीड़ित को शुरुआती स्तर पर ही कार्रवाई दिखाई देगी तो लोग साइबर अपराध की रिपोर्ट करने के लिए अधिक प्रेरित होंगे। इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों की रिपोर्टिंग बढ़ेगी और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज होगी।

प्रधानमंत्री ने दिए ये प्रमुख निर्देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को मिशन मोड में साइबर धोखाधड़ी की जांच करने और E-Zero FIR System लागू करने के निर्देश दिए। बैंकों से संदिग्ध लेनदेन की रियल टाइम निगरानी मजबूत करने को कहा गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म को पहचान संबंधी धोखाधड़ी रोकने के लिए अपनी सुरक्षा प्रणाली और बेहतर बनाने तथा पुलिस के साथ पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से साइबर जागरूकता अभियान तेज करने और त्वरित शिकायत पंजीकरण की व्यवस्था विकसित करने को कहा गया है।

प्रधानमंत्री ने नागरिकों से भी अपील की कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें, ताकि समय रहते कार्रवाई संभव हो सके।

भारत की साइबर सुरक्षा रणनीति को मिलेगा नया आधार

52वीं प्रगति बैठक में E-Zero FIR System पर दिया गया जोर इस बात का संकेत है कि भारत साइबर अपराध के खिलाफ तकनीक आधारित, तेज और नागरिक-केंद्रित व्यवस्था विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। डिजिटल अरेस्ट, एआई आधारित फ्रॉड, डीपफेक और रैनसमवेयर जैसे नए खतरों से मुकाबले के लिए यह पहल भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

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26-06-2026