1930 पर शिकायत की थी? अब घर बैठे वापस मिलेगा साइबर फ्रॉड का पैसा, MHA के नए पोर्टल से आसान हुआ रिफंड

गृह मंत्रालय के MRM और GRM Portal साइबर फ्रॉड पीड़ितों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। अब ऑनलाइन रिफंड और फ्रीज खातों से जुड़ी शिकायतों का समाधान पहले से तेज और पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा।
साइबर फ्रॉड का पैसा वापस पाने के लिए MRM और GRM पोर्टल की जानकारी

साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच पीड़ितों के लिए राहत भरी खबर है। अब ऑनलाइन ठगी का शिकार होने वाले लोगों को अपना पैसा वापस पाने या जांच के दौरान फ्रीज हुए बैंक खातों को खुलवाने के लिए बार-बार पुलिस थाने और बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा शुरू किए गए Money Restoration Module (MRM) और Grievance Redressal Mechanism (GRM) पोर्टल इस दिशा में बड़ा बदलाव लेकर आए हैं।

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इन नए पोर्टलों की मदद से साइबर वित्तीय अपराधों के मामलों में रिफंड और शिकायत निवारण की प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तेज हो गई है। इसका ताजा उदाहरण मुंबई साइबर पुलिस ने पेश किया है।

चार दिन में 85 पीड़ितों को लौटाए गए 10.9 लाख रुपये

मुंबई साइबर पुलिस ने महज़ चार दिनों, 14 जून से 17 जून 2026 के बीच, साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के 85 पीड़ितों को कुल 10.9 लाख रुपये सफलतापूर्वक वापस लौटाए। यह पूरी प्रक्रिया गृह मंत्रालय के नए MRM और GRM पोर्टलों के माध्यम से पूरी की गई।यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि अब साइबर अपराध पीड़ितों को लंबी कानूनी प्रक्रिया का इंतजार किए बिना तेज राहत मिल सकती है।

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MRM Portal क्या है और कैसे करता है काम?

Money Restoration Module (MRM) पोर्टल साइबर धोखाधड़ी में फंसी राशि को पीड़ित के बैंक खाते में वापस भेजने की प्रक्रिया को आसान बनाता है।

MRM Portal के तहत रिफंड के नियम

यदि किसी एक खाते में फंसी राशि 50,000 रुपये तक है तो FIR या कोर्ट आदेश की आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस रिपोर्ट और इंडेम्निटी बॉन्ड के आधार पर रिफंड दिया जा सकता है।

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यदि कुल राशि 50,000 रुपये से अधिक है लेकिन किसी एक खाते में 50,000 रुपये से ज्यादा नहीं है, तब भी FIR या कोर्ट आदेश की जरूरत नहीं होगी। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर रिफंड प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। यदि किसी एक खाते में 50,000 रुपये से अधिक राशि फंसी है, तो FIR दर्ज कराना अनिवार्य होगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया MRM पोर्टल के माध्यम से पूरी होगी।

GRM Portal क्या है?

कई बार साइबर अपराध की जांच के दौरान ऐसे लोगों के बैंक खाते भी फ्रीज हो जाते हैं जिनका मामले से कोई संबंध नहीं होता। ऐसे निर्दोष खाता धारकों की समस्या के समाधान के लिए Grievance Redressal Mechanism (GRM) पोर्टल शुरू किया गया है।

यह पोर्टल बैंक, पुलिस और खाता धारक के बीच सीधा समन्वय स्थापित करता है। डिजिटल सत्यापन की सुविधा होने से लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता भी कम हो जाती है।

MRM Portal पर रिफंड के लिए आवेदन कैसे करें?

यदि आप साइबर धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं और अपना पैसा वापस पाना चाहते हैं तो सबसे पहले mrm-ncrp.mha.gov.in पोर्टल पर जाएं।

इसके बाद Citizen Login विकल्प चुनकर मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन करें। Raise Refund Request पर क्लिक करें और 14 अंकों का शिकायत ID दर्ज करके OTP सत्यापन पूरा करें। फिर PAN कार्ड अपलोड करें, अपना बैंक खाता नंबर और IFSC कोड भरें। घोषणा सबमिट करने के बाद एक Unique Request ID प्राप्त होगी, जिसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखना चाहिए।

GRM Portal पर शिकायत कैसे दर्ज करें?

यदि आपका बैंक खाता जांच के दौरान फ्रीज हो गया है तो grm-ncrp.mha.gov.in पोर्टल पर जाकर Citizen Login के माध्यम से लॉगिन करें।

इसके बाद Raise Grievance Request विकल्प चुनें। शिकायत ID या केस से जुड़ी जानकारी दर्ज करें और OTP सत्यापन पूरा करें।

PAN, Aadhaar या अन्य पहचान दस्तावेजों के साथ बैंक से संबंधित आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन जमा करने के बाद आपको Unique Grievance Request ID प्राप्त होगी।

साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत क्या करें?

साइबर अपराध होने पर समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। पीड़ितों को तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए।

NCRP शिकायत ID मिलने के बाद MRM पोर्टल पर रिफंड की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। वहीं यदि किसी कारण से बैंक खाता फ्रीज हो गया है तो GRM पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कर खाते को अनफ्रीज कराने का अनुरोध किया जा सकता है।

MHA की पहल से बढ़ेगा लोगों का भरोसा

गृह मंत्रालय और मुंबई साइबर पुलिस की यह पहल साइबर वित्तीय अपराधों से प्रभावित लोगों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। MRM और GRM पोर्टलों के माध्यम से अब पीड़ितों को तेज रिफंड, कम कागजी कार्यवाही और बैंक तथा पुलिस के साथ बेहतर समन्वय की सुविधा मिल रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था साइबर अपराध पीड़ितों के लिए तेज न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में इसे पूरे देश में प्रभावी मॉडल के रूप में लागू किया जाएगा।

सामान्य प्रश्न

साइबर फ्रॉड का पैसा वापस कैसे मिलेगा?

साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। शिकायत ID मिलने के बाद MRM Portal के जरिए रिफंड प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

MRM Portal किस काम आता है?

यह पोर्टल साइबर धोखाधड़ी में फंसी राशि को पीड़ित के बैंक खाते में वापस भेजने की प्रक्रिया को आसान बनाता है।

GRM Portal का उपयोग कौन कर सकता है?

वे लोग जिनके बैंक खाते जांच के दौरान गलती से फ्रीज हो गए हैं, GRM Portal के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

क्या 50,000 रुपये तक की राशि के लिए FIR जरूरी है?

नहीं। निर्धारित शर्तों के अनुसार 50,000 रुपये तक की राशि के मामलों में पुलिस रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर रिफंड प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

साइबर धोखाधड़ी की शिकायत कहां करें?

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।

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inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

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11-08-2026