रांची में पृथ्वी दिवस 2026: इस थीम पर पर्यावरण संरक्षण

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार द्वारा पृथ्वी दिवस 2026 के अवसर पर “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” थीम के अंतर्गत झारखंड के रांची में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख (PCCF & HoFF), श्री संजीव कुमार ने अपने मुख्य संबोधन में कहा कि:
“पृथ्वी दिवस केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमें वर्षभर सतत कार्य करने की प्रेरणा देता है। हम पूरे साल पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करते हैं, लेकिन इस दिन हम एक साथ बैठकर अपनी रणनीति बनाते हैं, एक-दूसरे को प्रेरित करते हैं और आगे बढ़ने का संकल्प लेते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि पृथ्वी दिवस सभी दिवसों में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें जल, जैव विविधता और वृक्ष जैसे तत्व शामिल हैं, जो हमारे अस्तित्व का आधार हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि औद्योगिकीकरण के बढ़ते प्रभाव के कारण पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है, और वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिक एवं राष्ट्राध्यक्ष इस चुनौती से निपटने के लिए प्रयासरत हैं।
“यदि वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस के भीतर नियंत्रित नहीं किया गया, तो इसके गंभीर और दूरगामी दुष्परिणाम सामने आएंगे,” उन्होंने चेतावनी दी।

श्री कुमार ने भारतीय संस्कृति की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी परंपरा सदैव प्रकृति और वनों पर आधारित रही है।
“हमारे ग्रंथ, हमारी संस्कृति और हमारी जीवनशैली में प्रकृति के संरक्षण का स्पष्ट संदेश निहित है। आज आधुनिक विज्ञान भी उन्हीं सिद्धांतों को प्रमाणित कर रहा है, जिन्हें हमारे पूर्वजों ने पहले ही अपनाया था,” उन्होंने कहा। “अरण्यम सह पृथ्वी सो नमोस्तु”। महुआ कुसुम आसान इत्यादि जीपोकोपार्जन पैदा करने वाले पौधों पर विशेष जोर दिया। जल संरक्षण पर भी ध्यान देना जरूरी है।

कार्यक्रम में श्री विश्वनाथ शाह, अध्यक्ष , जैव विविधता पर्षद, श्री ए.टी. मिश्रा , पीसीसीएफ बंजर भूमि , श्री रवि रंजन , पीसीसीएफ , वन्यप्राणी , डॉ. ज्योतिष करकेट्टा एवं डॉ. बबली सिंह सहित कई विशेषज्ञों ने भी जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण एवं सतत विकास जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर झारखंड राज्य जैव विविधता बोर्ड के सचिव, श्री आदिल अज़ीम ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है और छोटे-छोटे प्रयासों से बड़ा बदलाव संभव है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संस्थाओं एवं व्यक्तियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जिसमें श्री अरुण महली, श्रीमति मधुबाला देवी, श्री दिनेश तिग्गा, श्री सुनील कच्छप, श्री पप्पू कुमार, श्रीमति चंचला देवी इत्यादि ।
साथ ही, सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण एवं पृथ्वी की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।

इस मौके पर श्री संदीप शिंदे, आईएफएस डॉ. आर. थेंगा पांडियन, आरसीसीएफ, बोकारो , श्री मोहन प्रकाश, डीएफ़ओ, हजारीबाग श्री रजनीश कुमार, डीएफओ , तकनीकी पदाधिकारी श्री हरिशंकर लाल अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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14-10-2026