दिल्ली में नशे के खिलाफ जारी सख्त अभियान के तहत Crime Branch की WR-II टीम ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सप्लाई चेन का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की कोकीन और MDMA जैसी प्रतिबंधित साइकोट्रॉपिक ड्रग्स बरामद की गई हैं। मामले में अब तक दो विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
ऐसे हुआ ड्रग नेटवर्क का खुलासा
Crime Branch डीसीपी हर्ष इंदौरा के मुताबिक WR-II यूनिट लंबे समय से दिल्ली में सक्रिय ड्रग डीलिंग नेटवर्क पर नजर बनाए हुए थी। NDPS मामलों के खिलाफ zero tolerance नीति के अनुरूप टीम एक इंटर-स्टेट और इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट पर लगातार काम कर रही थी। HC संदीप कादियान को गुप्त सूचना मिली कि एक नाइजीरियन नागरिक, जो पहले भी NDPS मामलों में शामिल रह चुका है, दक्षिण दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कोकीन और MDMA की सप्लाई कर रहा है।
सूचना के आधार पर एसीपी राजपाल डबास की निगरानी में इंस्पेक्टर अक्षय गहलौत के नेतृत्व में एसआई राहुल, मनोज कुमार मीणा, हेडकांस्टेबल संदीप काद्यान, सुशील, हरदीप, मयंक, विनोद, भंवर, नवीन, दिनेश, गौरव और कांस्टेबल संदीप कलकल की टीम बनाई गई।
लगातार प्रयासों के बाद टीम ने आरोपी को ट्रेस किया और बिना समय गंवाए रेड की गई। इस कार्रवाई में आरोपी Frank Victus को गिरफ्तार किया गया।
418 ग्राम कोकीन और MDMA टैबलेट की बड़ी बरामदगी
रेड के दौरान आरोपी के कब्जे से
- 418 ग्राम कोकीन
- 910 MDMA टैबलेट
बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार बरामद ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
जांच में सामने आया इंटरनेशनल नेटवर्क
बरामदगी के आधार पर NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दिल्ली और आसपास के राज्यों में ड्रग्स की सप्लाई करता था।
मोबाइल फोन के विश्लेषण और तकनीकी जांच के दौरान Crime Branch को नेटवर्क से जुड़े एक और नाइजीरियन नागरिक के बारे में सुराग मिला, जो दिल्ली के मेहरौली इलाके में रह रहा था।
दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी
लगातार निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के बाद आरोपी Sunday Otuu को गिरफ्तार किया गया। उसके किराए के कमरे से
- 15 Ecstasy टैबलेट
बरामद की गईं।
पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह पिछले दो वर्षों से दिल्ली में रह रहा था और Frank को ड्रग्स सप्लाई करता था। उसने यह भी खुलासा किया कि इस नेटवर्क का सरगना नाइजीरिया में बैठा है।
पूछताछ में सामने आई पूरी साजिश
पूछताछ में Frank ने बताया कि वह 2012 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था और पहले भी NDPS मामले में गिरफ्तार हो चुका है। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने दोबारा ड्रग सप्लाई शुरू की।
वहीं Sunday Otuu ने बताया कि कपड़ों के बिजनेस में नुकसान के बाद वह जल्दी पैसे कमाने के लिए इस नेटवर्क से जुड़ गया और WhatsApp के जरिए डिलीवरी का समन्वय करता था। दोनों आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे ताकि पुलिस से बच सकें।








