उत्तराखण्ड पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग के क्षेत्र में देशभर में पहला स्थान हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। अंतर-संचालित आपराधिक न्याय प्रणाली रैंकिंग में उत्तराखंड पुलिस ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था सुनील कुमार मीणा ने यह जानकारी दी।
पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा जारी मासिक रैंकिंग में उत्तराखण्ड को 93 दशमलव चार-छह अंक प्राप्त हुए हैं, जिससे राज्य देश में पहले स्थान पर रहा है। अंतर-संचालित आपराधिक न्याय प्रणाली रैंकिंग के तहत पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक और फिंगरप्रिंट डेटाबेस को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जा रहा है। उत्तराखण्ड ने इस दिशा में समय से पहले अधिकांश मॉड्यूल्स का एकीकरण पूरा कर लिया है, जिससे केस डायरी, चार्जशीट, डिजिटल साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रियाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर समन्वित हो सकी हैं। इससे जांच और अभियोजन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनी है।
प्रेस वार्ता में प्रयागराज महाकुंभ-2025 के दौरान उत्तराखण्ड एसडीआरएफ की भूमिका की भी जानकारी दी गई। महाकुंभ के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर उत्तराखण्ड एसडीआरएफ की एक कंपनी को तैनात किया गया थी। 112 सदस्यीय दल ने 24 जनवरी से 27 फरवरी तक संगम नोज सहित अति संवेदनशील क्षेत्रों में जल रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, लापता श्रद्धालुओं की सहायता और अन्य आवश्यक सेवाओं का जिम्मेदारी और समर्पण के साथ निर्वहन किया।
एसडीआरएफ द्वारा किए गए इस सराहनीय कार्य के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उत्तराखण्ड एसडीआरएफ के अधिकारियों और जवानों को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।







