क्या e-PAN Card सच है? PIB ने बताया वायरल मैसेज का सच!

सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें ईमेल से e-PAN card डाउनलोड करने की बात है । PIB Fact Check ने इस दावे की पड़ताल की है और सच्चाई कुछ और है। यहाँ है पूरा विवरण...
PIB Fact Check

PIB Fact check ने ईमेल पर ईपैन कार्ड डाउनलोड करने की खबर को गलत बताया है। इस मेल में लोगों से e-PAN card डाउनलोड करने की बात कही जा रही थी। इस वायरल मैसेज में अक्सर एक लिंक या रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने के लिए कहा जाता है।

पीआईबी फैक्ट चेक की पड़ताल (The Investigation)

भारत सरकार की आधिकारिक संस्था प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल दावे की जाँच की है।

पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने अपने आधिकारिक X (पहले Twitter) हैंडल पर स्पष्ट किया है कि:

✅ निष्कर्ष: यह दावा [झूठा/भ्रामक/फर्जी] है।

पीआईबी के अनुसार, [e-PAN CARD ] पूरी तरह से मनगढ़ंत है और सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना/भर्ती/लाभ शुरू नहीं की गई है।

इस तरह के फर्जी संदेशों को आगे न बढ़ाएं और अगर आपको कोई संदेश संदिग्ध लगे, तो तुरंत PIB Fact Check को भेजें।

Latest Posts

IIT Gandhinagar में VoICE और C-DOT के बीच AI Smart Village India परियोजना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करते प्रतिनिधि।

भारत में डिजिटल इंडिया अभियान का अगला बड़ा पड़ाव गांवों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतनेट, 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने के लिए कई प्रयास हुए हैं। अब इन्हीं प्रयासों को नई गति देने का दावा एक ऐसे मॉडल के जरिए किया गया है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान और सरकारी अनुसंधान संगठन एक साथ काम कर रहे हैं।

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | बिना डेटा वाला मोबाइल रिचार्ज प्लान क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद? | क्या आपका स्मार्टफोन आपकी जासूसी कर रहा है? जेब में रखा फोन कैसे बन सकता है निगरानी का सबसे बड़ा हथियार | भारत में डिजिटल इंडिया अभियान का अगला बड़ा पड़ाव गांवों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतनेट, 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने के लिए कई प्रयास हुए हैं। अब इन्हीं प्रयासों को नई गति देने का दावा एक ऐसे मॉडल के जरिए किया गया है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान और सरकारी अनुसंधान संगठन एक साथ काम कर रहे हैं। | वन्दे माँ नर्मदे: माँ नर्मदा की महिमा, इतिहास और भारतीय संस्कृति को समर्पित महत्वपूर्ण कृति | रांची में हैं मनोकामना पूरी करने वाले वृक्ष | WhatsApp Username Feature: क्या मोबाइल नंबर छिपाने वाला नया फीचर साइबर अपराधियों के लिए बन सकता है हथियार? | हल्दीघाटी का युद्ध और रक्त-तलाई: जहां आज भी इतिहास की सांसें सुनाई देती हैं | बच्चों के लिए सोशल मीडिया आयु सीमा: क्या भारत भी 16 वर्ष से कम उम्र के लिए सख्त नियम बनाएगा? | भारत में वन्यजीव तस्करी: कैसे होता है दुर्लभ जानवरों और पक्षियों का अवैध कारोबार? | साइबर फ्रॉड का पैसा वापस कैसे मिले? हरियाणा मॉडल से जानिए रिकवरी बढ़ाने का सफल तरीका |
14-07-2026