डिजिटल अरेस्ट स्कैम से ₹3,000 करोड़ का नुकसान: सुप्रीम कोर्ट की चिंता, चक्षु पोर्टल बना समाधान

चक्षु पोर्टल

चक्षु पोर्टल इस तरह के क्राइम से बचाव करने में मददगार हो सकता है। हम बात कर रहे हैं डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम की। सुप्रीम कोर्ट ने भी डिजिटल अरेस्ट स्कैम से हुए ₹3,000 करोड़ के नुकसान पर गहरी चिंता जताई है। इन स्कैम्स में ठग पुलिस, CBI, ED या TRAI अधिकारी बनकर WhatsApp कॉल, फर्जी समन और AI-generated आवाज़ों के ज़रिए लोगों से पैसे ऐंठते हैं। वे डर, घबराहट और जनता के भरोसे का फायदा उठाकर मासूम लोगों को जाल में फँसाते हैं।
सरकार और एजेंसियां बार-बार चेतावनी जारी कर चुकी हैं—यहाँ तक कि कॉलर ट्यून में भी—पर समस्या चेतावनी की कमी नहीं, बल्कि उन्हें नज़रअंदाज़ करने की आदत है।

चक्षु पोर्टल क्या है?

चक्षु (CHAKSHU), संचार साथी के अंतर्गत एक नागरिक-उन्मुख पोर्टल है।
यह उपयोगकर्ताओं को पिछले 30 दिनों में मिली संदिग्ध कॉल, SMS या WhatsApp संदेशों की रिपोर्ट करने की सुविधा देता है — विशेषकर जब मामला पहचान की चोरी, धोखाधड़ी या साइबर अपराध से जुड़ा हो।

पोर्टल लिंक: https://www.sancharsaathi.gov.in/

चक्षु पर क्या रिपोर्ट किया जा सकता है?

फर्जी कॉल/SMS/WhatsApp संदेश जो दावा करते हैं कि वे:

  • बैंक, वॉलेट, गैस या बिजली कंपनियों से हैं
  • सरकारी अधिकारी (CBI, ED, TRAI, पुलिस) हैं
  • गिरफ्तारी या सेवा बंद करने की धमकी देते हैं
  • सेक्सटॉर्शन या ब्लैकमेल से जुड़ते हैं
  • KYC अपडेट या समाप्ति के नाम पर धोखा देते हैं

यह क्यों ज़रूरी है

समय पर रिपोर्ट करने से स्कैम नंबर ब्लॉक करने में मदद मिलती है

यह राष्ट्रीय फ्रॉड इंटेलिजेंस डेटाबेस को मज़बूत बनाता है

चक्षु केवल संदिग्ध संचार रिपोर्ट करने के लिए है

अगर आपने पैसे गंवाए हैं, तो https://www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें या हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें

भारत में “डिजिटल अरेस्ट” का कोई कानूनी प्रावधान नहीं

यह पूरी तरह झूठा दावा है जिसका इस्तेमाल स्कैमर्स नागरिकों को डराने और ठगने के लिए करते हैं।
वे वीडियो कॉल पर नकली वर्दी, फर्जी समन और धमकी भरे संदेशों से लोगों को भ्रमित करते हैं।

सुप्रीम कोर्ट की चिंता के मुख्य बिंदु

  • ₹3,000 करोड़ का नुकसान: डिजिटल अरेस्ट स्कैम से भारी आर्थिक चपत
  • तरीका: फर्जी समन, वर्दीधारी लोगों के वीडियो कॉल, गिरफ्तारी की धमकी
  • न्यायिक हस्तक्षेप: समन्वित कार्रवाई और जन-जागरूकता की माँग
  • पीड़ित प्रोफाइल: शिक्षित प्रोफेशनल्स, एनआरआई, वरिष्ठ नागरिक
  • जवाबदेही की माँग: सिस्टम में सुधार और मज़बूत डिजिटल सुरक्षा की ज़रूरत
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inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

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26-08-2026