सुपर चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ से निपटने की तैयारियों का फि‍र से जायजा लिया

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी)  की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की जिसमें सुपर चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ से निपटने के लिए राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों/एजेंसियों द्वारा की गई तैयारियों का जायजा लिया गया।  

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि इस ‘सुपर चक्रवाती तूफान’ के 20 मई, 2020 की दोपहर/शाम में पश्चिम बंगाल के तट से टकराने की प्रबल संभावना है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार पहले 155-165 किलोमीटर प्रति घंटे तक होने एवं इसके बाद और भी अधिक तेज होकर 185 किलोमीटर प्रति घंटे के उच्‍च स्‍तर को भी छू जाने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही राज्य के तटीय जिलों में भारी बारिश होगी और समुद्र में 4-5 मीटर ऊंची लहरें उठेंगी। इस तूफान से पूर्वी मेदिनीपुर, दक्षिण एवं उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता जिलों के काफी प्रभावित होने का अंदेशा है। ‘अम्फान’ तूफान से नुकसान की संभावना इससे पहले आए चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल’ से हुई भारी क्षति से भी कहीं अधिक होने का अंदेशा है, जो 9 नवंबर, 2019 को पश्चिम बंगाल के तट से टकराया था।  

इस चक्रवाती तूफान से ओडिशा के तटीय जिलों जैसे कि जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, जाजपुर और बालासोर में भी अत्‍यंत तेज वर्षा होने, प्रचंड झोंके वाली हवाएं चलने और समुद्र में ऊंची-ऊंची ल‍हरें उठने की आशंका है।

 ओडिशा के मुख्य सचिव और पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने एनसीएमसी को अपने द्वारा किए गए प्रारंभिक उपायों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि निचले इलाकों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। खाद्यान्न, पेयजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं के स्‍टॉक के लिए हरसंभव कदम उठाए गए हैं। बिजली एवं टेलीकॉम सेवाओं के रखरखाव और बहाली के लिए संबंधित टीमें भी तैनात कर दी गई हैं।

राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कैबिनेट सचिव ने राज्‍य सरकारों से कहा कि चक्रवाती तूफान के मार्ग में पड़ने वाले निचले इलाकों से समय पर लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं और इसके साथ ही आवश्यक आपूर्ति जैसे कि भोजन, पेयजल एवं दवाइयां, इत्‍यादि को पर्याप्त मात्रा में बनाए रखा जाए। राज्य सरकारों को यह भी सलाह दी गई कि सड़कों से मलबा हटाने और अन्य बहाली कार्यों के लिए टीमों को तैयार रखा जाए।

एनडीआरएफ की 36 टीमों को वर्तमान में दोनों राज्यों में तैनात किया गया है। सेना और नौसेना के बचाव एवं राहत दलों के साथ-साथ नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल के जहाजों एवं हवाई जहाजों को भी आपात व्‍यवस्‍था के तौर पर रखा गया है। आवश्यक सेवाओं के रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए दूरसंचार विभाग और विद्युत मंत्रालय की एजेंसियों के अधिकारियों को भी राज्यों में तैनात किया गया है।

ओडिशा के मुख्य सचिव और पश्चिम बंगाल के गृह सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस बैठक में भाग लिया। गृह, रक्षा, शिपिंग, बिजली, दूरसंचार एवं स्वास्थ्य मंत्रालयों, आईएमडी, एनडीएमए और एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस बैठक में हिस्‍सा लिया।  

इस तूफान से उत्‍पन्‍न स्थिति का जायजा लेने के लिए एनसीएमसी की बैठक फि‍र से होगी।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | समुद्री रास्ते से ड्रग तस्करी पर बड़ा वार, 6 दोषियों को कैसे मिली 10 साल की सजा | मातृभक्ति और अद्वैत की विरासत: आदि शंकराचार्य का प्रेरक प्रसंग | CISF जवानों के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ा कदम, Meditation और Wellness Program से तनाव कम करने की नई तैयारी | delhi: 72 करोड़ के 1700 किलो ड्रग्स नष्ट,नारकोटिक्स थाना की घोषणा | दिल्ली में खोया या चोरी हुआ मोबाइल वापस कैसे मिलता है? जानिए Delhi Police के ‘Operation Vishwas’ की पूरी प्रक्रिया | दिल्ली में घर बनाना हुआ आसान? DDA का नया ऑनलाइन सिस्टम समझिए | डिजिटल मिनिमलिज़्म: स्मार्टफोन का स्मार्ट उपयोग कैसे बढ़ाता है सुरक्षा और मानसिक शांति | delhi crime story: दुबई और तिहाड़ से चल रहा है गैंग, इन शार्पशूटरों से हुआ खुलासा | इनकम टैक्स मेल कैसे चेक करते हैं, जान लें नहीं तो साइबर क्राइम का शिकार हो सकते हैं आप | ऐसे चलता है मोबाइल के नकली एक्सेसरीज का कारोबार, दिल्ली पुलिस ने खोला सच |
13-05-2026