जनसंख्या चुनौती से कम नहीं: केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्वनी कुमार चौबे ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या हम सभी के लिए चुनौती से कम नहीं है। निश्चित तौर पर जनसंख्या में हो रही अनियोजित वृद्धि देश के विकास और उसकी तरक्की में एक मुख्य रुकावट है। इसे लेकर सरकार गंभीर है।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री चौबे गुरुवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा विश्व जनसंख्या पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।


कार्यक्रम के अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री डॉ  हर्षवर्धन ने की।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री चौबे ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस के आयोजन का उद्देश्य लैंगिक समानता, गरीबी, मातृ स्वास्थ्य और मानव अधिकारों सहित परिवार नियोजन की महत्ता जैसे जनसंख्या संबंधी विभिन्न मामलों पर जन जागरुकता को बढ़ावा देना है । भारत शुरु से ही राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य में सुधार और प्रजनन दर को कम करने के प्रयास करता रहा है। तथा लगातार बढ़ रही आबादी को कम करने के लिए कार्य कर रहा है। 1901 में 23.08 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2011 में 121 करोड़ जनसंख्या हो गई हैं। हालांकि, वृद्धि दर कम हो रही है, तथा वर्ष 2001-2011 ऐसा पहला दशक है । (वर्ष 1911-1921 को छोड़कर) जिसमें पहले के दशकों की तुलना में वास्तव में वृद्धि दर कम है। किसी देश की आबादी और लोगों का स्वास्थ्य उस राष्ट्र की विकास प्रक्रिया का मूल होता है। विकास और प्रगति के इस प्रयास में, परिवार नियोजन एक महत्वपूर्ण निर्धारक का कार्य करता है।  केंद्रीय राज्य मंत्री श्री चौबे ने कहा कि परिवार नियोजन न केवल जनसंख्या स्थिरता में सहायक होता है अपितु महिलाओं, परिवारों और समुदायों के लिए सुस्वास्थ्य सुनिश्चित करने में भी सहायक होता है। यह समाज में महिलाओं को सशक्त बनाने का काम भी करता है तथा उन्हें अपनी मर्जी से सही समय पर निर्णय लेने का सुअवसर भी प्रदान करता है । इस समय 50 प्रतिशत से अधिक आबादी 15-49 वर्ष आयु-वर्ग अर्थात प्रजनन आयु वर्ग की है, जो जनसंख्या वृद्धि को कम-ज्यादा करती है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि समुदायों को किशोरावस्था विवाह, शादी के बाद जल्दी गर्भधारण न करने सहित, कब और कितने बच्चे जैसे विकल्पों की जानकारी हो। यह डब्‍ल्‍यूपीडी इसलिए भी विशेष है क्‍योंकि इसने इंटरनेशनल कांफ्रेंस ऑन पोपुलेशन एण्‍ड डेवलेपमेंट- आईसीपीडी के 25 वर्ष पूरे किए हैं । हमें यह कहते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि हमने तबसे एक लंबा रास्‍ता तय कर लिया है ।
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य कवरेज आदि को सुनिश्‍चित करते हुए आयुष्‍मान भारत जैसी महत्‍वपूर्ण पहलें शुरू की हैं । हालांकि हमने भारत को एक राष्‍ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम शुरू करने वाला प्रथम देश होने का सौभाग्‍य प्रदान किया है। और इसकेबावजूद भी हम खाली नहीं बैठे हैं और हमने 146 अत्‍यधिक प्रजनन क्षमता वाले जिलोंको कवर करते हुए मिशन परिवार विकास की एक अभिकेद्रिंत योजना के जरिए कुछ प्रमुख उपाय करके अपनेकार्यकलापों को गति देना जारी रखा है जैसे कि अपने गर्भ निरोधक विकल्‍पों का विस्‍तार करना औरपिछड़े लोगों तक पहुंच बनाना। उन्होंने कहा कि जनसंख्‍या को स्थिर करने के क्षेत्र में व्‍यवहार परिवर्तन की एक महत्‍वपूर्ण भूमिका होती है । लड़कियों को अध्‍ययन के लिए अवसर प्रदान करते हुए उनका विवाह देर से करने,छोटा परिवार होने, पुत्र को प्राथमिकता देना जैसी अवधारणा छोड़ने, पुत्रियों को भी समान महत्‍व देने, तथा दो बच्‍चों के बीच उचित अंतर रखने के लिए सकारात्‍मक व्‍यवहारिक परिवर्तन ऐसे मुद्दे हैं जो चिकित्‍सा के बजाय सामाजिक अधिक हैं ।
ये ऐसे क्षेत्र हैं, जहां जनता के प्रतिनिधि, सामुदायकि नेता,मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ता जनता के विचारों को प्रभावित करने तथा प्रभावी व्‍यवहारिक परिवर्तन में काफी महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। हमारे लक्ष्‍यों को हासिल करने में महत्‍वपूर्ण इन सभी क्षेत्रों में सहभागिता को बढ़ाए बिना यह सब संभव नहीं हो सकता । मुझे पूरा विश्‍वास है कि प्रजनन स्‍वास्‍थ्‍य की ओर एकीकृत दृष्टि‍कोण के साथ सहभागिता बढ़ाए जाने के बारे में इस राष्‍ट्रीय कार्यशाला में विचार विमर्श से सेवाओं का अनुकूलन सुनिश्‍चित होगा । अंत में मैं दोहराना चाहूंगा कि हमारी जनता और हमारे देश के लिए एक बेहतर भविष्‍य सुनिश्‍चित करने में हम सबकी एक महत्‍वपूर्ण भूमिका होनी ही चाहिए है ।

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09-09-2026