रमेश बैस बने त्रिपुरा के राज्यपाल, जानें खास बातें

रायपुर, इंडिया विस्तार। छत्तीसगढ़ बीजेपी के वरिष्ठ नेता रमेश बैंस को एक बड़ी जिम्मेदारी दी गई है उनको त्रिपुरा का राज्यपाल बनाया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक 6 प्रदेशों के राज्यपालों का नाम शनिवार को घोषित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रमेश बैस की नियुक्ति की है। बैस काफी लंबे समय तक रायपुर के सांसद रह चुके हैं। लोकसभा चुनाव में उनकी जगह सुनील सोनी को दिया गया था टिकट। राज्यपाल बनाए जाने की खुशी में उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।

खास बातें:

रमेश बैस 7 बार रायपुर से सांसद रह चुके हैं। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री की जिम्मदारी भी इन्होने संभाली है। रमेश बैस 16वीं लोक सभा के सदस्य रह चुके हैं। बैस 1978 में रायपुर नगर निगम के लिए चुने गए थे। 1980 से 1984 तक मध्यप्रदेश विधान सभा के सदस्य भी थे। वे 1989 में रायपुर, मध्यप्रदेश से 9वीं लोक सभा के लिए चुने गए थे और 11वीं, 12वीं, 13वीं, 14वीं, 15वीं और 16वीं लोक सभा में फिर से निर्वाचित हुए थे। उन्होंने भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
रायपुर लोकसभा सीट पर पिछले छह चुनावों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का ही कब्जा रहा है।  सांसद रमेश बैस यहां से 7 बार जीत चुके हैं। बैस को केवल 1991 में हार का सामना करना पड़ा था और 1996 से 2014 तक लगातार छह बार जीत दर्ज की है।

Support India Vistar

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | आपके नाम पर कोई और SIM तो नहीं चला रहा? घर बैठे ऐसे करें जांच | AI का भविष्य: नकली आवाज और डीपफेक के दौर में भारत कैसे रहेगा सुरक्षित? | LPG eKYC कैसे करें? 1 अक्टूबर से सब्सिडी के लिए नया नियम, घर बैठे ऐसे पूरा करें BAA | Digital Arrest Scam: फोन पर ऐसा क्या हुआ कि 68 साल के बुजुर्ग ने तोड़ दी FD और गंवा दिए ₹1.12 करोड़? | Online Shopping Fraud: ऑनलाइन खरीदारी और बैंकिंग में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी, पेमेंट से पहले जांचें ये 10 बातें | Shahzad Bhatti Network पर UAPA प्रतिबंध: कौन है शहजाद भट्टी और अब क्या बदल जाएगा? | कोयला चोरी कैसे रोक रही CISF? झारखंड-बंगाल की खदानों में ‘Zero Coal Leakage’ पर जोर | Cyber Crime FIR: ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत के बाद क्यों जरूरी हैं शुरुआती घंटे, कर्नाटक ने बदला जांच का तरीका | ₹12.84 करोड़ गए कहां? 317 ट्रांजैक्शन, 34 खाते और फिर USDT | UPI पेमेंट पर क्या है नया नियम: ₹2,000 से ज्यादा यूपीआई पेमेंट पर क्या आपके खाते से पैसे कटेंगे ? समझिए विस्तार से |
23-09-2026