यह हैं दिल्ली के नए सीपी पढ़ें वीडियो से भी जानें

नई दिल्ली। दिल्ली को नया पुलिस कमिश्नर मिल गया है। एस एन श्रीवास्तव ने शनिवार को नए सीपी का कार्यभार संभाल लिया। 1985 बैच के वरिष्ठ आईपीएस सच्चिदानंद श्रीवास्तव को मधुर भाषा, कर्मठ कार्य शैली और पेशेवर जांच के लिए जाना जाता है।

सांगठनिक मजबूती और सरकार के प्रति जवाबदेह को मूल सिद्धांत मानने वाले श्री एस एन श्रीवास्तव जनता में न्यायिक प्रणाली के प्रति विश्वास जगाने में कामयाब रहे हैं। उनका जन्म 1961 के जुलाई माह में उत्तर प्रदेश के बलिया में हुआ था। आईआईटी खड़गपुर और एलएलबी तक की शिक्षा प्राप्त एसएन श्रीवास्तव को आतंक के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी जाना जाता है। 1998 में उत्तरी दिल्ली जिला पुलिस के डीसीपी रहते हुए ही उनके नेतृत्व में पुलिस ने हिजबुल मुजाहिदीन के 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद ही श्री नगर में हिजबुल के डिप्टी सुप्रीम कमांडर अली मोहम्मद डार को मार गिराने में सफलता मिली थी।

सीआरपीएफ अतिरिक्त डीजी के रूप में

अपने पिछले कार्यकाल में उन्होंने केंद्रीय़ रिजर्व पुलिस बल के अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में दो साल सेवा दी। इस दौरान उन्हें जम्मू काश्मीर जोन का प्रभार दिया गया था। उस समय घाटी आतंकवाद से बहुत ज्यादा प्रभावित थी। मुठभेड़ में बुरहान वानी के मारे जाने के बाद पाक समर्थित आतंकी काफी सक्रिय थे। उस दौरान सीआरपीएफ, सेना और जम्मू काश्मीर पुलिस के आपसी सहयोग से 210 से ज्यादा आतंकी मारे गए।

विशेष आयुक्त स्पेशल सेल के रूप में

दिल्ली पुलिस में स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी के रूप में एस एन श्रीवास्तव ने 2012-2015 3 साल 3 महीने अपनी सेवा दी। इस दौरान देश से इंडियन मुजाहिदीन नामक खतरनाक आतंकी संगठन को पूरी तरह खत्म करने में पुलिस को कामयाबी मिली। इस दौरान लश्कर-ए-तोइबा के आतंकी अब्दुल करीम टुंडा, आईएम आतंकी तहसीन अख्तर, जिया उर्र रहमान जैसे  37 आतंकी पकड़े गए। इनके कार्यकाल में ही दिल्ली में अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुआ। उस दौरान एके 47 सहित 426 हथियार बरामद किए गए और 65 लोग पकड़े गए। उस दौरान ड्रग के खिलाफ कार्रवाई भी काफी चर्चित हुई थी। पुलिस ने 168 किलो हेरोइन और 13 किलो कोकीन भी बरामद किया था। इस दौरान दिल्ली में जबरन वसूली और अपराध के पर्याय बन गए 100 बदमाशों को भी गिरफ्तार किया गया था।

ज्वायंट सीपी ट्रैफिक पुलिस के रूप में

एस एन श्रीवास्तव के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीक अपनानी शुरू की। कॉमनवेल्थ गेम के दौरान यातायात प्रबंध आदि की प्लानिंग भी इन्हीं के कार्यकाल में हुई। इंटेलीजेंट ट्रैफिक सिस्टम भी उसी समय अपनाया गया। इसके अलावा राडार गन आदि का प्रचलन भी शुरू हुआ।     

जिला पुलिस उपायुक्त के रूप में

एस एन श्रीवास्तव दिल्ली के दो जिलो के डीसीपी और एक जिले में अतिरिक्त डीसीपी का कार्यभार संभाल चुके हैं। इस दौरान जन सुनवाई और क्षेत्रीय अपराध नियंत्रण के लिए उन्हें याद किया जाता है।

इसके अलावा एस एन श्रीवास्तव अरूणाचल प्रदेश औऱ मिजोरम में भी सेवा दे चुके हैं।

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Alok Verma
a senior journalist with a 30 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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01-10-2026