ब्लैक फंगस पर अरविंद केजरीवाल ने क्या किए ऐलान विस्तार से जानिए

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ब्लैक फंगस बीमारी के बढ़ते प्रभाव की रोकथाम को लेकर आज कैंप कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक के दौरान ब्लैक फंगस की रोकथाम और मरीजों के इलाज के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सीएम अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए दिल्ली के तीन अस्पतालों एलएनजेपी, जीटीबी और राजीव गांधी में डेडिकेटेड ट्रीटमेंट सेंटर बनाए जाएंगे। सीएम ने कहा कि ब्लैक फंगस से बचाव को लेकर दिल्ली की जनता को जागरूक किया जाएगा। देश की राजधानी होने की वजह से दिल्ली में अधिक संख्या में मरीज आ सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अवगत कराया कि ब्लैक फंगस केे मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का इंतजाम किया जा रहा है। बैठक में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कई वरिष्ठ डाॅक्टर भी मौजूद रहे।

कोरोना मरीजों में यह दूसरी खतरनाक बीमारी ब्लैक फंगस की रोकथाम को लेकर दिल्ली सरकार ने कमर कस ली है। सीएम अरविंद केजरीवाल स्वयं इस पर नजर बनाए हुए हैं और इसकी रोकथाम को लेकर डाॅक्टर्स व विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं। इसी संबंध में मुख्यमंत्री ने आज अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, डाॅक्टर्स और विशेषज्ञ शामिल हुए। बैठक में ब्लैक फंगस की रोकथाम को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में विचार-विमर्श कर निर्णय लिया गया कि दिल्ली में ब्लैक फंगस के आने वाले मरीजों के इलाज के लिए अलग से डेडिकेटेड ट्रीटमेंट सेंटर बनाया जाएगा। सीएम अरविंद केजरीवाल ने एलएनजेपी, जीटीबी और राजीव गांधी अस्पताल में यह डेडिकेटेड ट्रीटमेंट सेंटर बनाने के निर्देश दिए। सीएम ने तीनों अस्पतालों में ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए डाॅक्टर्स की एक-एक टीम बनाने के निर्देश भी दिए। इस टीम में ईएनटी समेत अन्य विशेषज्ञ डाॅक्टर शामिल होंगे। यह टीम अपने सेंटर पर ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज पर निगरानी रखेगी।

वहीं, दिल्ली सरकार ब्लैक फंगस के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जल्द ही दिशा निर्देश जारी करेगी और लोगों को बताया जाएगा कि ब्लैक फंगस से कैसे बचा सकता है। इस बीमारी से बचाव के जितने भी उपाय हैं, उसके बारे में लोगों को बताया जाएगा, ताकि जो लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं, उन लोगों को इस बीमारी से बचाया जा सकें। डाॅक्टर्स ने ऐसे मरीजों को सुझाव दिया कि ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल डाॅक्टर से संपर्क करना चाहिए। बगैर डाॅक्टर की सलाह के दवा नहीं लेनी चाहिए।

बैठक में विचार-विमर्श किया गया कि देश की राष्ट्रीय राजधानी होने की वजह से दिल्ली में ब्लैक फंगस का इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या अधिक हो सकती है। इसके मद्देनजर निर्णय लिया गया कि इस बीमारी से संबंधित दवाओं का पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था की जाए। केंद्र सरकार से ब्लैक फंगस के इलाज के लिए दवाइयों का जो कोटा दिल्ली का है, उसे भी जल्द से जल्द प्राप्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि दिल्ली में ब्लैक फंगस के आने वाले मरीजों को समय से बेहतर इलाज दिया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाओं के इंतजाम की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

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12-08-2026