Delhi police की वर्दी और फर्जी आईडी से धौंस देकर हनी ट्रैप की जाल में फंसे लोगो से मोटी रकम वसूली जा रही थी। हनी ट्रैप करने वाला यह गैंग facebook के सहारे शिकार को जाल में फांसता था। Delhi police ने इस गैंग के तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गैंग में शामिल महिला और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। गैंग के लोग खुद को Delhi police का अफसर बता रकम वसूलते थे।
Delhi police की जाल में ऐसे फंसा हनी ट्रैप गैंग
दिल्ली क रोहिणी जिला डीसीपी अमित गोयल के मुताबिक स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली थी कि एक गैंग हनी ट्रैप के बहाने लोगों से मोटी रकम वसूलने का रैकेट चला रहा था। सूचना पर कार्रवाई के लिए एसीपी ईश्वर सिंह की निगरानी और स्पेशल स्टाफ इंचार्ज अमित दहिया के नेतृत्व में एसआई सुशील, एएसआई रुपेश, सुरेश, रविन्द्र, हेडकांस्टेबल राकेश, महिला हेडकांस्टेबल अनिता और कांस्टेबल विक्की की टीम बनाई गई।
पुलिस टीम ने विजय विहार में जाल बिछाया। संदिग्ध हालत में ग्रे रंग की स्कूटी पर एक शख्स दिखाई दिया। उसने Delhi police सब इंस्पेक्टर की वर्दी पहन रखी थी जबकि दूसरी स्कूटी पर सवार शख्स ने बैग में सबइंस्पेक्टर का शर्ट अलग से ले रखा था। पूछताछ में उन्होंने दिल्ली पुलिस की आईडी भी दिखाई। मगर संतोषप्रद जवाब ना मिलने पर पुलिस टीम उन्हें पुलिस थाने ले गई।
पुलिस की पूछताछ में हनी ट्रैप के नाम पर जबरन वसूली रैकेट का खुलासा हो गया। पकड़े गए लोगों की पहचान नीरज, आशीष और योगेश के रूप में हुई। नीरज के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं। ये लोग फेसबुक पर अच्छी प्रोफाइल के लोगों को हनी ट्रैप में फांस लेते थे। उन्हें रोहिणी के खास इलाके में बुलाया जाता था। जैसे ही वह आपत्तिजनक हालात में होते फर्जी पुलिसवाले बनकर तीनो लोग पहुंच जाते थे और फिर मोटी रकम वसूली जाती थी।
यह भी पढ़ें
- मुठभेड़ के बाद क्या हुआ खुलासा, दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े कौन से गैंग के शूटर
- दिल्ली से कोलकाता तक आतंकी नेटवर्क, स्पेशल सेल ने कैसे बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया
- चीन के साइबर धोखेबाज़ भारत में कैसे चला रहे हैं वर्चुअल SIM बॉक्स, गुरुग्राम केस ने खोली पोल
- Agniveer भर्ती 2026: उम्र सीमा बढ़ी, क्या मिलेगा स्थायी मौका? जानिए नया नियम और पूरा प्रोसेस
- क्या आपको मालूम है यूपीआई के ये नियम, अप्रैल से बदल जाएगा सब कुछ











