ड्रग तस्करी के लिए पेट का इस्तेमाल करने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया गया है। इस सिलसिले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के हत्थे अफगान का एच नागरिक चढ़ा है। यह अफगानी नागरिक पिछले 7-8 सालों से अफगानिस्तान से हेरोइन लेकर दिल्ली आता था। उसे लाजपत नगर से दबोचा गया। उसके पास से 512 ग्राम हेरोइन बरामद की गई जिसकी कीमत 1 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
ड्रग तस्करी के लिए इस तरह पेट का इस्तेमाल
क्राइम ब्रांच के डीसीपी अमित गोयल के मुताबिक बरामद ड्रग वह कैप्सुल के रूप में पेट में छिपाकर लाया था। गिरफ्तार शख्स की पहचान हसन रजा उर्फ हाजी हामिद के रूप में हुई है। डीसीपी अमित गोयल के मुताबिक क्राइम ब्रांच की नारकोटिक्स शाखा में तैनात एएसआई विकासदीप को सूचना मिली थी की हसन अपने एक रिसीवर को भारी मात्रा में ड्र्ग्स देने के लिए लाजपत नगर स्थित संत कंवर राम मंदिर के पास आएगा।
सूचना के आधार पर एसीपी नरेश कुमार और प्रभात सिन्हा की देखरेख औऱ इंस्पेक्टर राकेश दुहन के नेतृत्व में एएसआई विशन कुमार, विकासदीप, हेडकांस्टेबल नरेश, सिकंदर, रवि और उमा चौधरी की टीम ने जाल बिछाकर हसन रजा को दबोच लिया। उसके पास मौजूद पारदर्शी वजनदार पॉलिथीन की तलाशी ली गई और उसमें से 512 ग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिसे उसने जूस के पैकेट के अंदर छिपा रखा था।
पूछताछ के दौरान, उसने खुलासा किया कि वह अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट का हिस्सा है और वह अफगानिस्तान से भारी मात्रा में हेरोइन खरीदता था और इसे भारत में अपने रिसीवर्स को बेचता था। आरोपी हसन रजा उर्फ हाजी हामिद निवासी काबुल, अफगानिस्तान, वर्तमान पता: लापता नगर-1, दिल्ली, उम्र-43 वर्ष, अपने पेट में छिपाकर उपरोक्त बरामद हेरोइन कैप्सूल लाया था। वह पिछले 7-8 वर्षों से भारत आ रहा है और कई वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त है।
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